शनिवार, 21 दिसंबर 2019

मत्स्य-उत्पादन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का हुआ बीमा (विशेष लेख) -

















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रायसेन |


 

    प्रदेश में मत्स्य-विकास एवं मछुआ कल्याण के लिये बीते एक साल में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें क्रियान्वित भी किया गया। इसके फलस्वरूप मत्स्य कृषक 2 लाख टन मत्स्य-उत्पादन करने में सफल हुए। शासन की सुव्यवस्थित योजनाओं का ही परिणाम रहा कि इस दौरान प्रदेश में 163 करोड़ 25 लाख मत्स्य-बीज (स्टैण्डर्ड फ्राई) का रिकॉर्ड उत्पादन भी हुआ। देवास के मत्स्य-कृषक श्री संदीप परदेशी को उत्कृष्ट मत्स्य-उत्पादन के लिये भारत सरकार ने विश्व मात्सिस्कीय दिवस पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया।


जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण


    मत्स्य-पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अल्पावधि ऋण के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर 6293 फिशरमेन क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। शासन ने मछुआरों एवं मत्स्य-उत्पादन के क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का बीमा करवाकर उनका जीवन सुरक्षित कर दिया हैं। नील क्रांति योजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में प्रदेश में 338 केज स्थापित किए गए है। अब प्रत्येक केज से 4 से 5 टन पंगेशियस मछली का उत्पादन मिल रहा है।


मत्स्य-उत्पादन एवं विक्रय को प्रोत्साहन


    मत्स्य-उत्पादकता बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र में अनुदान पर मत्स्य-आहार उत्पादन के लिए चार फिशफीड मिल की स्थापना की गई है। निजी क्षेत्र में मत्स्य-बीज उत्पादन एवं संवर्धन के लिये 5 हैचरी की स्थापना के लिए आवश्यक राशि प्रदान की गई है। इसी के साथ, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में मत्स्य-कृषकों को उत्पाद का उचित मूल्य एवं उपभोक्ता को ताजी तथा हाईजिनिक मछली उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायतों/ग्राम पंचायतों में 105 फुटकर मत्स्य-बाजारों का निर्माण भी कराया गया है। मत्स्य महासंघ द्वारा जलाशय में कार्यरत मछुआरों को आखेटित मछली के लिये 20 करोड़ रूपये पारिश्रमिक के रूप में भुगतान किया गया। बंद ऋतु में मछुआरों एवं उनके पारिवार के सदस्यों को जीवन-यापन के लिये आजीविका सहयोग योजना में तीन करोड़ से ज्यादा राशि का भुगतान किया गया। नाव-जाल अनुदान योजना में 5031 मछुआरों को 343 लाख रूपये का भुगतान किया गया।


मुख्यमंत्री मीनाक्षी कन्याविवाह


    मुख्यमंत्री मीनाक्षी कन्या विवाह योजना में राज्य शासन द्वारा मछुआरों की 143 कन्याओं के विवाह के लिए 28 लाख 60 हजार की राशि व्यय की गई। प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में राज्य शासन द्वारा महासंघ के जलाशय में 28 मत्स्य सहकारी समिति एवं 247 मछुआरों को कुल 21 लाख 22 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई। राज्य सहकारी मत्स्य महासंघ द्वारा संचालित निषादराज छात्रवृत्ति योजना, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, गंभीर बीमारी अनुदान योजना, अनुग्रह योजना, मछुआ प्रशिक्षण योजना में राज्य शासन द्वारा 22 लाख 44 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि के रूप में मछुआरों को प्रदान किये गये। इस तरह बीते एक साल में मछुआरों के कल्याण पर भरपूर ध्यान दिया गया।





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