मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

समूह सदस्यों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध हूँ- विधायक समूह सदस्यों को सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के नये आयाम प्रस्तुत करने होंगे- कलेक्टर, 469 स्व सहायता समूहों को 7 करोड़ 60 लाख रु की नकद साख सीमा की स्वीकृति एवं वितरण

















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अनुपपुर | 


 

 

 




    आजीविका मिशन के नेतृत्व में जिले की ग्रामीण परिवारों की महिलाओं के आत्मविश्वास को देखकर मैं अभिभूत हूँ, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ऋण राशि से समूह सदस्य ज्यादा से ज्यादा आय अर्जक गतिविधियों को प्रारम्भ कर अपनी आजीविका को संवहनीय बनाएंगी, ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है। उक्त उद्गार अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिसाहू लाल सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित नकद साख सीमा वितरण शिविर में मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये। श्री सिंह ने शिविर में स्व सहायता समूहों के उत्पादों का अवलोकन भी किया और समूह सदस्यों द्वारा बड़े उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया और इसके लिए हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। श्री सिंह ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा स्व सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी भी प्रदान की।
      कार्यक्रम में कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने स्व सहायता समूह की दीदियों को सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया, उन्होंने समूह सदस्यों से नवीन उद्योगों की स्थापना, उत्पादन एवं विपणन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर जिले का नाम रोशन करने हेतु प्रेरित किया, जो जिले की पहचान बने और अनूपपुर को समूहों द्वारा किये जाने वाले अच्छे कार्यों की वजह से जाना जाए। कलेक्टर ने आजीविका मिशन अंतर्गत समूहों के द्वारा किये जा रहे कार्यों को प्रशंसनीय बताया, साथ ही उन्होंने कहा कि आप सभी लोग निरंतर और बेहतर करने की कोशिश करते रहें तभी हम सबसे बेहतर कर पाएंगे।
  

    नगरपालिका के अध्यक्ष रामखेलावन राठौर ने मातृ शक्ति को नमन करते हुए समूहों द्वारा किये जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रसंशा की एवं समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रशासन स्तर पर बनाये जाने हेतु कलेक्टर से आग्रह किया।
     इस अवसर पर मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद सिंह चौहान ने महिला समूह सदस्यों की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए सभी को आश्वस्त किया कि न सिर्फ समूहों के क्रेडिट लिंकेज, बल्कि इससे भी आगे अगर कोई समूह सदस्य बेहतर गतिविधि हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं तो हमारा बैंक आगे बढ़कर उसकी मदद करेगा।
     कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन शशांक प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की अवधारणा एवं मिशन की अद्यतन प्रगति से सदन को अवगत कराया। इस अवसर पर सरोधन सिंह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर, नगरपालिका अध्यक्ष रामखेलावन राठौर, उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, आरबीआई प्रतिनिधि चक्रपाल सिंह, डीडीएम नाबार्ड श्री गर्दे, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधि के रूप में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र अग्रवाल, जिला समन्वयक सीएस तोमर, शाखा प्रबंधक मेडियारास राजेन्द्र विश्वकर्मा, अनुपपूर शाखा के सहायक प्रबंधक रामकृष्ण तिवारी, जयप्रकाश अग्रवाल, सिद्धार्थ शिव सिह, मयंक त्रिपाठी, योगेंद्र राय, अनिल पटेल, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे। नकद साख सीमा वितरण शिविर का सम्पूर्ण समन्वय जिला प्रबंधक सूक्ष्म वित्त अंजू द्विवेदी ने किया तथा कार्यक्रम संचालन दीपक मोदनवाल, सहायक जिला प्रबंधक द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दशरथ झारिया, जिला प्रबंधक, दया दाहिया सहायक जिला प्रबंधक तथा ब्लॉक प्रबंधक दुर्गेश दाहिया, रजनीश सिंह परिहार, सीमा पटेल एवं मोहम्मद तारिक तथा धर्मेन्द्र गुप्ता के साथ-साथ जिला एवं ब्लॉक इकाई के समस्त सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।






जनसुनवाई कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत ने सुनी आमजनों की समस्याएं

 
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अनुपपुर | 


 

 

 




    सुशासन आमजनो के प्रशासन से निर्बाध संपर्क से प्रारम्भ होता है। आमजनो की समस्याओं को समझना, उन्हें दूर करना, शासन द्वारा प्रदत्त सेवाओं का समय से प्रदाय यही प्रशासन का कर्तव्य है लक्ष्य है। इन्हीं भावनाओं को मूर्त रूप देने का कार्य कर रही है जनसुनवाई। साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में 31 दिसम्बर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरोधन सिंह ने लोगों की समस्याओं को सुन विभिन्न विभागों के अधिकारियों को यथोचित निराकरण करने के निर्देश दिए।
      जनसुनवाई में विकासखंड जैतहरी अंतर्गत ग्राम छुलकारी की बुट्टन बाई यादव ने 10 माह से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने, ग्राम पंचायत कांसा के ग्रामीणों ने सचिव सरमन चौधरी द्वारा वित्तीय अनियमितता करने पर निलंबित करने, ग्राम रक्शा पो. फुनगा के रामायण प्रसाद मिश्रा ने किसान सम्मान निधि की राशि दिलाए जाने, ग्राम बेनीबहरा थाना बिजुरी के हेमदास अहिरवार ने ट्रेक्टर विक्रेता संतलाल पटेल से कोटेशन राशि 50 हजार रुपए दिलाए जाने, ग्राम खांड़ा के रामनाथ राठौर ने करेन्ट लगने से गर्भवती भैंस की मृत्यु होने पर मुआवजा राशि दिलाने के संबंध में आवेदन दिया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




ग्राम बसनिहा से मां नर्मदा अन्न यात्रा निकाल कर अन्न दान का किया गया संग्रह

















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अनुपपुर | 


 

 

 


 

    मां नर्मदा के पावन स्थल अमरकंटक में मां नर्मदा जयंती पर आयोजित तीन दिवसीय नर्मदा जयंती महोत्सव जो 31 जनवरी से प्रारंभ होकर 02 फरवरी तक चलेगा। जिसमें देश के सुप्रसिद्ध गायक कलाकार अपनी रंगारंग प्रस्तुति देंगे साथ ही क्षेत्रीय संस्कृति लोक कला शैला रीना करमा छत्तीसगढ़ी नृत्य का आयोजन किया जाना है उसी तारतम्य में महोत्सव को एक नया स्वरूप देकर मनाए जाने हेतु 30 दिसम्बर को पुष्पराजगढ़ विधायक फुन्देलाल सिंह, अनुविभागीय अधिकारी पुष्पराजगढ़ ऋषि सिंघई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ ए.पी. सिंह द्वारा ग्राम बसनिहा से मां नर्मदा अन्न यात्रा निकाल कर अन्न दान संग्रह किया गया। संग्रहित अन्न से 5100 कन्याओं को कन्या भोज कराया जाएगा। इस अवसर पर विधायक फुन्देलाल सिंह द्वारा अपील की गई कि इस पावन पर्व की जयंती में आप सभी अन्न, धन दान कर सहयोग कर पुण्य लाभ ले। उन्होंने बताया कि यह यात्रा पुष्पराजगढ़ के समस्त 119 ग्राम पंचायतों में जाकर अन्न संग्रह करेंगे। इस अवसर पर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय, जनपद सदस्य मीरा, भोला प्रसाद गुप्ता, बिहारी लाल गुप्ता, डॉ. राज तिवारी, अशोक पाण्डेय, डी.एस. भदौरिया, पुष्पेन्द्र रजक, सरपंच, सचिव गांव के गणमान्य नागरिक, ग्रामवासी उपस्थित थे। मुख्य मार्ग पर स्थापित शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर अन्न यात्रा का शुभारंभ किया गया।  ग्राम बसनिहा में नर्मदा अन्न दान यात्रा के माध्यम से 9100 रुपए नगद एवं 02 क्विंटल चावल एकत्रित हुआ।







एमपीपीएससी की परीक्षा हेतु परीक्षा संचालन दल गठित

















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अनुपपुर | 


 

 

 


    अपर कलेक्टर बी.डी. सिंह ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन्दौर द्वारा जिले में 12 जनवरी 2020 को आयोजित किए जाने वाले राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 के सफल एवं सुव्यवस्थित संपन्न कराए जाने हेतु परीक्षा संचालन दल का गठन किए हैं। परीक्षा संबंधी कम्प्यूटर कार्य के संपादन हेतु जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अनूपपुर सुभाष चंद्र ठाकरे, लेखा संबंधी समय पर संपूर्ण कार्यवाही संपादन हेतु सहायक वर्ग 02 जिला नाजिर कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर विनोद कुमार पटेल एवं इनके सहयोग हेतु लेखापाल ई गवर्नेंस अनूपपुर विनीत कुमार मलैया, परीक्षा संबंधी समस्त तैयारियों हेतु वरिष्ठ लिपिक कलेक्ट्रेट कार्यालय अनूपपुर महेन्द्र मिश्रा एवं सहायक वर्ग-3 कलेक्ट्रेट कार्यालय अनूपपुर पवन सिंह पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।  







सभी अधिकारी जनगणना के कार्य को गम्‍भीरता से लें- श्री गंगवार कलेक्‍टर ने दिए जिला अधिकारियों को निर्देश

















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नीमच | 


 

 

 


    जनगणना का कार्य काफी महत्‍वपूर्ण है। सभी विभागों के अधिकारी इस कार्य को पूरी गम्‍भीरता से लें। आवश्‍यकतानुसार गणना सुपरवाईजर और गणना कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाकर,उनको प्रशिक्षित करें। इस कार्य में लापरवाही नहीं बरतें। यह निर्देश कलेक्‍टर श्री अजयसिंह गंगवार ने मंगलवार को कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष नीमच में समय सीमा पत्रों के निराकरण की समीक्षा बैठक में दिए।
       बैठक में कलेक्‍टर श्री गंगवार ने जिला स्‍तर से जनगणना के लिए प्रगणकों, गणना सहायकों, सुपरवाईजरों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। कलेक्‍टर ने निर्देश दिए कि संयुक्‍त कार्यालय भवन के बिजली बिल की राशि का सभी विभाग समय पर भुगतान करें, और ई-पेमेन्‍ट की जानकारी प.क्षे.विद्युत वितरण कंपन‍ी को उपलब्‍ध करायें। कलेक्‍टर ने लाभार्थियों के सत्‍यापन कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्‍होने सीएमओ नीमच को लाभार्थियों के सत्‍यापन कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
      कलेक्‍टर श्री गंगवार ने निर्देश दिए कि सभी सीईओ, सीएमओ मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना के तहत शासन द्वारा निर्धारित केलेन्‍डर अनुसार तिथियों में ही सम्‍मेलन आयोजित कर, निर्धन कन्‍याओं के विवाह सम्‍पन्‍न करवायें। कलेक्‍टर ने ज्‍यादा से ज्‍यादा पात्र कन्‍याओं को इय योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।






एएनएम के कार्य नहीं करने पर उसके साथ सुपरवाईजर भी दण्डित होंगे सघन सुदृढीकरण टीकाकरण पहल की जिला टास्‍क फोर्स बैठक संपन्‍न

 
रतलाम | 


 

 

 


    रतलाम जिले में सघन सुदृढीकरण टीकाकरण पहल कार्यक्रम के द्वारा 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्‍चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्‍टर श्रीमती रूचिका चौहान की अध्‍यक्षता में जिला टास्‍क फोर्स की बैठक का आयोजन कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष में किया गया। बैठक में कलेक्‍टर  श्रीमती रूचिका चौहान ने माइक्रोप्‍लान तैयार कर कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्‍वयन के निर्देश दिए। कलेक्‍टर ने कार्यक्रम की नियमित मानिटरिंग और सुपरविजन करने हेतु कहा। उन्‍होने स्‍पष्‍ट किया कि टीम वर्क करें समस्‍याओं का मूल्‍यांकन करें और अपने स्‍तर पर तथा वरिष्‍ठों को सूचित करके समस्‍या का समाधान करें। कलेक्‍टर ने लक्ष्य पूर्ति के निर्देश देते हुए कहा कि एएनएम के कार्य नहीं करने पर उसके साथ सुपरवाईजर भी दण्डित होंगे।
    मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डा. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि जिले के 139 उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में टीकाकरण 90 प्रतिशत से कम है, इन क्षेत्रों में कवरेज शत-प्रतिशत करने के उददेश्‍य से अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत 6 से 16 जनवरी, 3 से 13 फरवरी और 2 से 12 मार्च इस प्रकार तीन चरणों में टीकाकरण किया जाएगा।
    जिला टीकाकरण अधिकारी डा. वर्षा कुरील ने बताया कि हेड काउंट सर्वे कराकर छूटे बच्‍चों के लिए डयु लिस्‍ट तैयार की जाएगी और टीकाकरण किया जाएगा। एक छूटे बच्‍चे को टीककरण स्‍थल पर लाकर टीका लगवाने वाले स्‍कूली बच्‍चे को टीकाकरण राजदूत और क्षेत्र के दो से पांच छूटे बच्‍चे को टीकाकरण स्‍थल पर लाकर टीका लगवाने वाले स्‍कूली बच्‍चे को टीकाकरण चेम्पियन के रूप में सम्‍मानित किया जाएगा। कलेक्‍टर ने कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को सभी आवश्‍यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्‍होने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को रतलाम शहरी क्षेत्र और जावरा शहरी क्षेत्र में कार्यक्रम पर फोकस करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के विभिन्‍न चिकित्‍सक, डीपीएम, डा. जी.आर. गौड, बीईई, एमईआईओ, सुपरवाईजर, एएनएम, एलएचव्‍ही आदि उपस्थित रहे।




गोवंश संवर्धन संरक्षण के लिए खजूरी देवड़ा में भी बन रही है गौशाला "खुशियों की दास्तां"

















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रतलाम | 


 

 

 


    गोवंश संवर्धन संरक्षण के लिए जिले के आलोट विकासखंड के ग्राम खजूरी देवड़ा में भी गौशाला बनकर तैयार हो रही है। आगामी 15 दिनों में गौशाला का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
    आलोट विकासखंड के चार स्थानों पर गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है इनमें खजूरी देवड़ा भी सम्मिलित है। गांव में लगभग 28 लाख रुपए की लागत से गोशाला निर्मित की जा रही है। इसका निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसकी क्षमता 100 गोवंश की रहेगी। राज्य में गौशालाओं का निर्माण मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं में सम्मिलित है। इनके निर्माण से जहां गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन हो सकेगा, वही जैविक खाद के निर्माण को भी गति मिलेगी, इससे जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित करना भी राज्य शासन द्वारा अपनी प्राथमिकता में मिल किया गया है।

188 हितग्राही लाभ ले रहे हैं सामाजिक सुरक्षा पेंशन का

    खजूरी देवड़ा में शासन की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ 188 हितग्राही ले रहे हैं। राज्य शासन द्वारा पेंशन राशि दुगनी किए जाने के फल स्वरुप अब 300 की बजाय 600 रूपए प्रतिमाह पेंशन राशि इन हितग्राहियों को मिल रही है। खजूरी देवड़ा में 12 लाख 85 हजार रुपए की लागत से राजीव गांधी सेवा केंद्र भी बनकर तैयार हो चुका है। इस भवन में ग्राम पंचायत के सभी कार्य किए जा रहे हैं।







गणतंत्र दिवस पर ‘‘भारत पर्व’’ का आयोजन

















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निवाड़ी |


 

    मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार जिले में लोकतंत्र का लोक उत्सव ''भारत पर्व'' का आयोजन आगामी 26 जनवरी, 2020 को गणतंत्र दिवस की संध्या पर जिला मुख्यालय पर किया जाना प्रस्तावित है। संस्कृति विभाग द्वारा जनसंपर्क विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किये जाने वाले लोक उत्सव भारत पर्व में मध्य प्रदेश के पारम्परिक रूप से लोक रूचि के गायन (लोक, भक्ति, सुराज, आजादी के तराने), कवि सम्मेलन, वादन और नर्तन (जनजातीय एवं लोक) इत्यादि कार्यक्रम भी किये जा सकेंगे।
    भारत पर्व के अवसर पर जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा प्रदर्शनी लगाई जायेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी, लेखक, साहित्यकार, कलाकार एवं गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जायेगा।
 






ढाई लाख हेक्टेयर में होगा बिगड़े बाँस वनों का सुधार एवं संरक्षण लाभान्वित होंगे डेढ़ हजार वनवासी परिवार

 
निवाड़ी |


 

     राज्य शासन ने वनवासियों की आजीविका को सुरक्षित आर्थिक आधार प्रदान करने के लिये  बिगड़े बाँस वनों के सुधार एवं संरक्षण की योजना तैयार की है। वन और ग्रामीण विकास विभाग समन्वित रूप से महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रदेश में 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े बाँस क्षेत्र का सुधार और संरक्षण करेंगे। इस पर लगभग 1365 करोड़ खर्च किये जाएंगे। योजना से शुरू के 4 सालों में लगभग डेढ़ हजार वनवासी परिवार लाभान्वित होंगे।
   अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन श्री चितरंजन त्यागी ने बताया कि इस योजना से वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा। साथ ही, वन संरक्षण भी होगा। योजना में पाँचवें वर्ष से बाँस का विदोहन किया जाएगा। विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा। इसी प्रकार पूर्व से बाँस वनों से आच्छादित रहे क्षेत्रों के 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी बाँस रोपण किया जाएगा। बाँस रोपण के आठवें वर्ष में बाँस विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा।
   वनवासी समुदाय की आजीविका में वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है। वनों के संरक्षण से न केवल उत्पादों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी बल्कि अच्छा वन आवरण, भू-जल और कृषि आधारित आजीविकाओं को भी बेहतर किया जा सकेगा। प्रदेश में 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जो प्रदेश का 30.72 प्रतिशत भू-भाग है। वन प्रबंधन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये प्रदेश में 15 हजार 608 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ गठित हैं। प्रदेश के 66 हजार 874 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का प्रबंधन करने में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समुदायों की भागीदारी से वनों की अवैध कटाई, चराई और अग्नि सुरक्षा पर कारगर नियंत्रण संभव हो सका है।



अतीत की विरासत को सहेजें और उसका अनुसरण करें युवा - राज्यपाल नेहरू युवा केन्द्र का पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

















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निवाड़ी | 


 

     राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने युवाओं का आव्हान किया है कि वे भारतवर्ष के अतीत की विरासत को सहेजते हुए उसका अनुसरण करें। माता-पिता, गुरुजनों और अपने परिवेश से प्राप्त होने वाले संस्कार ही व्यक्ति को एक अलग पहचान देते हैं।
    श्री टंडन सोमवार को भोपाल में राजभवन के सांदीपनि सभागार में नेहरू युवा केन्द्र द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी विधा में सतत परिश्रम करने से हम उस विधा के विशेषज्ञ बन जाते हैं। इस विशेषज्ञता के सामने कोई प्रमाण-पत्र अधिक मायने नहीं रखता। राज्यपाल ने कहा कि आज का युवा प्रतिभावान है और उत्साही भी। राष्ट्र की तरुणाई अगर ठान ले, तो देश के विकास में आशातीत प्रगति सुनिश्चित है।
इस मौके पर मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना लिखीराम कांवरे ने कहाकि हमारे पास युवाओं के रूप में एक बड़ी सम्पदा है, जिसके चलते क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है। नेहरू युवा केन्द्र जैसे संगठन द्वारा युवा शक्ति का सकारात्मक उपयोग किया जाना स्वागत-योग्य है।
नेहरू युवा केन्द्र के राज्य निदेशक श्री दिनेश राय ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि भारत सरकार के स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय के सहयोग से नेहरू युवा केन्द्र ने प्रदेश के सभी जिलों में इंटर्नशिप आयोजित की, जिसमें केन्द्र के युवाओं ने 100 से लेकर 400 घंटे तक गाँवों में जाकर सेवा-कार्य किये। युवाओं ने वर्ष-भर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्राम-सुधार में महती योगदान दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री टंडन ने भाषण प्रतियोगिता में सान्या ठाकुर, दीप्ति तोमर और वंशिका प्रसाद को क्रमशरू प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किये। सेवा-कार्यों के लिये राहुल तिवारी, पिंकेश गुर्जर, शुभम चौहान तथा संजय नागर को पुरस्कृत किया गया। नेहरू युवा केन्द्र की ओर से चित्रकार राज सैनी द्वारा बनाया गया पोट्रेट और स्मृति-चिन्ह राज्यपाल को भेंट किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे, भोपाल कलेक्टर श्री तरुण पिथोड़े, वाल्मी की संचालक सुश्री वंदना शुक्ला उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शुभम चौहान ने किया तथा एनवाईके के जिला समन्वयक डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला ने अतिथियों का आभार माना।





नई पेयजल नीति से छोटे-छोटे गाँव भी होंगे लाभान्वित : मंत्री श्री पांसे

















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निवाड़ी | 


 

     लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि राज्य सरकार की नई पेयजल नीति से गर्मी के मौसम में बड़े गाँवों के साथ छोटे गाँव भी नल-जल योजना से लाभान्वित होंगे।
     उन्होंने कहा कि नई नीति में छोटे और दूर-दराज के गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। श्री पांसे ने बताया कि जिन बसाहटों में गर्मी के मौसम में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है, उनमें नए हैण्डपम्प लगाए जायेंगे।
300 मीटर के दायरे में एक शासकीय पेयजल स्त्रोत
     मंत्री श्री पांसे ने बताया कि नई पेयजल नीति में बसाहटों के हित में आवश्यक बदलाव किये गये हैं। इनके मुताबिक बसाहट में न्यूनतम 300 मीटर के दायरे में कम से कम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराया जायेगा। पूर्व में बसाहट के 500 मीटर के दायरे में एक पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी।






ग्रामों में सुदृढ अधोसंरचना से समृद्ध मानव विकास का लक्ष्य (विशेष लेख)

 
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निवाड़ी | 


 

    सदियों देश में सबसे महत्वपूर्ण ईकाई ग्राम ही रहा है। भारत को गाँवों का देश कहा जाता है। हमारी 75 प्रतिशत आबादी या तो गाँव में ही निवास करती है या फिर ग्राम से सम्बन्धित है। हमारी अर्थव्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही है। मध्यप्रदेश में ग्रामों को आर्थिक, सामाजिक, अधोसंरचना और स्वायत्ता के हिसाब से समृद्ध बनाने का काम किया गया है। देश में सर्वप्रथम पंचायतराज व्यवस्था को 73वें संविधान संशोधन विधि के माध्यम से ग्राम-पंचायतों को अपने विकास का कार्य स्वंय तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो देश के इतिहास में सदैव मील के पत्थर के रूप में याद की जाती रहेगी।
    मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से पंचायतों को आर्थिक और अधिकारिता के दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। क्योंकि राज्य सरकार का मानना है कि जब ग्राम समृद्ध होंगे तथा राज्य समृद्ध होगा। वर्तमान सरकार ने अपने पहले वार्षिक बजट में 25 हजार 15 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण विकास और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किया है। वित्त वर्ष की तीन-तिमाई पूरी होते-होते ग्राम विकास का रोड़ मेप और सरकार की मंशा दोनो अपना साकार रूप लेने लगे है।
   पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामों को सशक्त अधोसरंचना प्रदान काने के साथ ही मानव विकास गतिविधियों को भी समान्तर तरजीह दी गई है।    
"सड़के" विकास की रीढ़ है। सड़कों के माध्यम से ही विकास की रोशनी दूरस्थ अंचल तक पहुँच सकती है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से 500 तक आबादी लगभग सभी ग्रामों को डामरीकृत सड़क मार्ग से जोड़ा जा चुका है। गत एक वर्ष में 554 मार्ग पूर्ण कर, 3319 कि.मी. सड़कों का निर्माण कर 366 बासहटों को सम्पर्क सूत्र से जोड़ा गया है। ग्रामीण सार्थकता परियोजना के तहत 136 करोड़ रूपये के व्यय से 2752 कि.मी. डामरीकृत और सीमेन्ट कांक्रीट निर्माण भी पूर्ण किया गया है। राज्य वित्त पोषित अन्य योजनाओं से 670 कि.मी. मार्ग पूर्ण कर 580 ग्रामों को जोड़ा गया है।
   प्रधानमंत्री आवास योजना में 40 प्रतिशत भागीदारी के साथ 2 लाख 72 हजार 889 रूपये के व्यय से 2,23,133 आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं।  
   मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद "स्वच्छ भारत मिशन" में पुन: सर्वे कराकर, 2012 में छूटे 3,06,098 आवासों को चिन्हित किया गया है। इनमें आवास बनाने का कार्य प्रगति पर है। अभी तक 219 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा चुकी है। प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए ग्राम में ही राज मिस्त्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी राज्य सरकार की अभिनव पहल है। प्रदेश में 19690 राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया, इनमें 9411 महिला राज मिस्त्री तैयार की गई है।
   पंचायत एवं ग्रामीण विकास में भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। "पंचायत दर्पण" पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की भुगतान प्रक्रिया ऑन-लाईन की गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा RESOWMS, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इन सरल डेव्हलपमेंट विकसित की गई है।
   प्रदेश में रोजगार गतिविधियों के तहत मानव विकास बतिविधियों को प्रोत्साहित करने का काम भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। म.प्र. अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 5 लाख 32 हजार परिवारों को 49 हजार 815 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इनमें से 37 हजार 97 समूहों को 232 करोड़ के ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराये गये है। स्व-सहायता समूहों की रोजगार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने भोपाल हाट बाजार में "सरस-मेलों" का आयोजन किया गया, आजीविका मिशन की महिला सदस्यों को नई-दिल्ली फूड कोर्ट में व्यंजनों की स्टाल लगाने का अवसर दिया गया।
   इसके साथ ही पंचायत राज संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए उनके अधिकारों में बढ़ोत्तरी , ग्राम स्तर पर जी.पी.डी.पी. (ळच्क्च्) तैयार कराना, ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए 8 मार्च को "सबला-सभाओं", 19 नवम्बर को प्रिय-दर्शिनी सभाओं का आयोजन प्रारम्भ किया गया है। आवासीय भू-खण्ड एवं आवास आवंटन महिलाओं के नाम करने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ की गई है।
   पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मैदानी काम करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की 66,492 शालाओं में भोजन बनाने के लिए शत-प्रतिशत शालाओं के रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए गए है। इससे पेड़ो (लकड़ी) की कटाई और धुएं से होने प्रदूषण को कम से कम करने में मदद मिलेगी।
   प्लास्टिक मुक्त भारत में मध्यप्रदेश की अभिनव पहल के तौर पर एम.पी.आर.आर.डी.ए. द्वारा प्लास्टिक वेस्ट मटेरियल के माध्यम से साढ़े सात हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। इसमें 3650 मैट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया गया है।
   जल-संसाधन एवं संवर्धन की गतिविधियाँ भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू की गई है। इनमें नदी पुर्नजीवन के तहत 40 जिलों की 40 नदियों को पुर्नजीवित करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 953.41 करोड़ लागत के 56,193 कार्य हाथ में लिए गये है विभिन्न क्षेत्रों में 40.92 करोड़ से 4674 कार्य पूर्ण किए जा चुके है। साथ ही पानी के संकट का सामना कर रहे बुन्देलखण्ड अंचल को 10वीं शताब्दी तक के "चंदेला-बुन्देला" तालाबों को पुनरू उद्धार कराने का कार्य भी प्राप्त किया गया है।
हम कह सकते है ग्रामीण विकास के क्षेत्र में "हम लक्ष्य तक पहुँचे भले ही न हो" लेकर प्रस्थान तो अवश्य है। 



लगभग 3167170 रुपये की शराब नष्ट की गई

















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सागर | 


 

 

 


    आबकारी आयुक्त के निर्देशानुसार मंगलवार को विदेशी मध भांडागार सागर के परिसर में वृत्त बीना, खुरई, बंडा,देवरी, रहली में  न्यायालय से प्राप्त एवं वृत्तों में अवैध मदिरा धारण विक्रय के विरुद्ध कायम  कुल 1063 प्रकरणों के  12347 पाव देशी मदिरा  मसाला, 16146 पाव देशी मदिरा प्लेन,17229 पाव विदेशी मदिरा, 300 बोतल बीयर, 326 लीटर  हाथ भट्टी  मदिरा का कलेक्टर सागर द्वारा गठित समिति ने विधिवत नष्टीकरण किया ।
    समिति में कलेक्टर सागर द्वारा नामांकित  संयुक्त कलेक्टर श्रीमति  अंजली शाह, सहायक आयुक्त आबकारी सागर श्रीमति वंदना पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री के पी गाँधी सम्मिलित रहे । नष्ट की गई शराब की कीमत लगभग 3167170 रुपये है । नष्टीकरण कार्यवाही का पंचनामा बनाया जाकर वीडियोग्राफी भी करवायी गई ।







स्वच्छता की दृष्टि में सागर देश में 11 नंबर पर

 
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सागर |


  भारत सरकार के द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत सागर जिले को दूसरे क्वार्टर लीक में देश में 11वां स्थान आने पर कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों एवं सागर वासियों को बधाई दी है। नगर निगम कमिश्नर आरपी अहिरवार, स्मार्ट सिटी सीईओ राहुल सिंह राजपूत ने बताया कि जागरूकता के और प्रयास किए जाएंगे जिससे सागर का स्थान पहले स्थान पर आ सके। भारत सरकार द्वारा सर्वे एक लाख से दस लाख तक की आबादी पर 11वां स्थान प्रदान किया गया। ज्ञात हो कि इस सर्वे में प्रदेश के इंदौर जिला लगातार प्रथम स्थान पर है।        



मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में किसान के खाते में पहुँचेगी अंतर की राशि, 20 जिलों को मांग के अनुसार 116 करोड़ की राशि जारी

















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भोपाल 


राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में वर्ष 2019-20 में प्याज उत्पादक किसानों को मंडी के क्रय मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान करने के लिये 20 जिलों को उनकी मांग के अनुरूप 116 करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी है। योजना में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत प्याज उत्पादक किसानों के बैंक खातों में प्याज विक्रय करने पर मूल्य के अंतर की राशि सीधे ट्रांसफर की जायेगी।
    प्रदेश की प्याज के लिये अधिसूचित मंडियों में प्याज का मॉडल विक्रय दर रबी प्याज की फसल के लिये निर्धारित अवधि में 800 रूपये प्रति क्विंटल से कम रहता है। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा प्याज उत्पादक किसानों को अधिसूचित मंडियों में प्याज बेचने पर क्रय मूल्य एवं समर्थन मूल्य 800 रूपये प्रति क्विंटल के अंतर की राशि का भुगतान मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में किया जाता है।
    राज्य सरकार द्वारा जिला शिवपुरी को 1 करोड़ 14 लाख 90 हजार 440 रूपये, रायसेन 1 लाख 96 हजार 706, आगर-मालवा 7 करोड़ 38 लाख 43 हजार 842 रूपये, उज्जैन 16 करोड़ 32 लाख 89 हजार 197 रूपये, झाबुआ 1 करोड़ 99 लाख 66 हजार 511 रूपये और खरगोन जिले को 3 करोड़ 26 हजार 99 रूपये आवंटित किये गये है।
    योजना में जिला खण्डवा को 2 करोड़ 71 लाख 97 हजार 910 रूपये, ग्वालियर 29 हजार 153 रूपये, सीहोर 9 करोड़ 48 लाख 64 हजार 624, रतलाम 1 करोड़ 19 लाख 18 हजार 920 रूपये, नीमच 1 करोड़ 65 लाख 24 हजार 722 रूपये, इंदौर 29 करोड़ 95 लाख 92 हजार 753 रूपये, भोपाल 1 करोड़ 25 लाख 59 हजार 891 रूपये, शाजापुर 9 करोड़ 6 लाख 76 हजार 934 रूपये, मंदसौर 7 करोड़ 79 लाख 18 हजार 28 रूपये, हरदा 12 लाख 54 हजार 76 रूपये, बड़वानी 2 करोड़ 83 लाख 79 हजार 319 रूपये, धार 5 करोड़ 52 लाख 55 हजार 310 रूपये, पन्ना 2 लाख 23 हजार 144 और देवास जिले को 3 करोड़ 67 लाख 25 हजार 397 रूपये बजट आवंटित किये गये हैं। इसके अलावा प्रशासकीय व्यय के लिये 9 लाख 64 हजार रूपये जारी किये गये हैं।






ढाई लाख हेक्टेयर में होगा बिगड़े बाँस वनों का सुधार एवं संरक्षण लाभान्वित होंगे डेढ़ हजार वनवासी परिवार

















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होशंगाबाद | 


 

 

 

   
    राज्य शासन ने वनवासियों की आजीविका को सुरक्षित आर्थिक आधार प्रदान करने के लिये बिगड़े बाँस वनों के सुधार एवं संरक्षण की योजना तैयार की है। वन और ग्रामीण विकास विभाग समन्वित रूप से महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रदेश में 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े बाँस क्षेत्र का सुधार और संरक्षण करेंगे। इस पर लगभग 1365 करोड़ खर्च किये जाएंगे। योजना से शुरू के 4 सालों में लगभग डेढ़ हजार वनवासी परिवार लाभान्वित होंगे।
    अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन श्री चितरंजन त्यागी ने बताया कि इस योजना से वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा। साथ ही, वन संरक्षण भी होगा। योजना में पाँचवें वर्ष से बाँस का विदोहन किया जाएगा। विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा। इसी प्रकार पूर्व से बाँस वनों से आच्छादित रहे क्षेत्रों के 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी बाँस रोपण किया जाएगा। बाँस रोपण के आठवें वर्ष में बाँस विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा।
    वनवासी समुदाय की आजीविका में वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है। वनों के संरक्षण से न केवल उत्पादों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी बल्कि अच्छा वन आवरण, भू-जल और कृषि आधारित आजीविकाओं को भी बेहतर किया जा सकेगा। प्रदेश में 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जो प्रदेश का 30.72 प्रतिशत भू-भाग है। वन प्रबंधन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये प्रदेश में 15 हजार 608 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ गठित हैं। प्रदेश के 66 हजार 874 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का प्रबंधन करने में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समुदायों की भागीदारी से वनों की अवैध कटाई, चराई और अग्नि सुरक्षा पर कारगर नियंत्रण संभव हो सका है।







रजा पुरस्कार के लिये प्रविष्टियाँ आमंत्रित

















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होशंगाबाद | 


 

 

 

   
    उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा रजा पुरस्कार के लिये 15 फरवरी 2020 तक प्रविशिष्टयां आमंत्रित की गई है। यह पुरस्कार वर्ष 2012 से 2019 तक कविता और चित्रकला के लिये प्रदान किया जाएगा।
रजा पुरस्कार के लिये प्रदेश के 42 वर्ष तक आयु के चित्रकार और 55 वर्ष तक आयु के कवि प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकेंगे।
चित्रकला और कविता के लिये 25-25 हजार रूपये के प्रदान किये जाएंगे। रजा पुरस्कार के लिये भोपाल के बाणगंगा स्थित उस्ताद अलाउद्दीन खां अकादमी में 5 जनवरी 2020 के बाद आवेदन प्राप्त किये जा सकते हैं। इस संबंध में अन्य जानकारी अकादमी के फोन नम्बर 0755-2553782 से भी प्राप्त की जा सकती है।







कलेक्टर ने रेडक्रॉस से स्वीकृत की प्रियांशु के बोनमेरो ट्रांसप्लांट हेतु 25 हजार रूपये की सहायता आम नागरिकों एवं संस्थाओं से भी की सहयोग की अपील

















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जबलपुर | 


 

    कलेक्टर श्री भरत यादव ने आज मंगलवार को जनसुनवाई में विस्कॉट अलड्रिच सिण्ड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे अपने छह वर्षीय पुत्र के बोनमेरो ट्रांसप्लांट में आर्थिक सहायता का आग्रह करने आये खलासी लाईन छोटी ओमती के अनिल कुमार कोरी को रेडक्रॉस सोसायटी से 25 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
    श्री यादव ने जनसुनवाई के दौरान ही अनिल कुमार कोरी को उनके पुत्र प्रियांशु कोरी के इलाज के लिए स्वीकृत रेडक्रॉस से इस राशि का चेक भी प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने जिले के नागरिकों, स्वयंसेवी तथा औद्योगिक एवं व्यासायिक संगठनों से भी प्रियांशु के बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिए आर्थिक सहायोग प्रदान करने का आग्रह किया है। 
   श्री यादव ने कहा कि कोई भी नागरिक अथवा संगठन इस पुण्य कार्य के लिए अपनी सहयोग राशि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जबलपुर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाइन शाखा में खाता क्रमांक-38010798266 में जमा करा सकते हैं अथवा नेट बैंकिंग के माध्यम से भी सहयोग राशि जमा करा सकते हैं।  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाईन शाखा का आईएफएससी कोड SBIN 0000390 है।  कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि दानदाता अपनी सहयोग राशि चेक के माध्यम से भी जिला रेडक्रॉस सोसायटी को प्रदान कर सकते हैं।
    श्री यादव ने बताया कि प्रियांशु जिस बीमारी से पीड़ित है वो लाखों में किसी एक को होती है और उसका एकमात्र उपचार बोनमेरो ट्रांसप्लांट ही है। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण लम्बे समय से इस बीमारी से पीड़ित बच्चे का इलाज नहीं हो पा रहा है। बोनमेरो ट्रांसप्लांटेशन के लिए शासन से, दानदाताओं से एवं जनसहयोग से राशि एकत्र करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अभी तक मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं दानदाताओं से करीब दस लाख रूपये की राशि एकत्र की जा चुकी है। लेकिन अभी और भी राशि की जरूरत है।  श्री यादव ने यथासंभव आर्थिक सहयोग प्रदान करने का आग्रह नागरिकों एवं संगठनों से किया है।






ग्राम पंचायत, अनुविभाग व जिला स्तर पर हुई जनसुनवाई -

















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नरसिंहपुर | 


आम जनता की शिकायतों व समस्याओं के निराकरण की प्रणाली को और मजबूत, त्वरित एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देशानुसार जिले में ग्राम पंचायत स्तर तक जनसुनवाई की जा रही है। जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम पंचायतों में पहुंच रहे हैं। जिले के प्रत्येक विकासखंड के लिए जिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, इस तरह 6 विकासखंडों के लिए जिला स्तरीय अधिकारी मंगलवार को ग्राम पंचायतों में पहुंचे। एक जिला अधिकारी को 3 ग्राम पंचायतों का दायित्व सौंपा गया। जिला अधिकारी पहली ग्राम पंचायत में पूर्वान्ह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक, दूसरी ग्राम पंचायत में पूर्वान्ह 11.45 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक और तीसरी ग्राम पंचायत में दोपहर एक बजे से दो बजे तक मौजूद रहे।


       जिला अधिकारियों ने इसके पहले हुई जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी प्राप्त की और निर्देशानुसार आवश्यक व्यवस्था कर ग्रामीणों की समस्यायें सुनी।
       इसी क्रम में जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय में, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय स्तर पर और ग्राम पंचायत स्तर पर मंगलवार 31 दिसम्बर को जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई में लोगों की समस्यायें सुनी गई और आवेदन लिये गये।

कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई में आये 65 आवेदन

       मंगलवार 31 दिसम्बर को जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई में 65 आवेदन आये। अपर कलेक्टर श्री मनोज ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत श्री केके भार्गव, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निधि सिंह गोहल और अन्य अधिकारियों ने लोगों की समस्यायें सुनी। इन समस्याओं के समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

एसडीएम ने की जनसुनवाई

       अनुविभागीय राजस्व अधिकारी नरसिंहपुर के कार्यालय परिसर में एसडीएम महेश कुमार बमनहा ने जनसुनवाई की। जनसुनवाई में रिकार्ड दुरूस्ती व कब्जा के संबंध में आवेदन आये। इसी तरह अन्य अनुविभागों में भी संबंधित एसडीएम द्वारा जनसुनवाई की गई।

ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जनसुनवाई में मौजूद रहे जिला स्तरीय अधिकारी

       जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव द्वारा की गई। लोगों से आवेदन लिये गये। जिला स्तरीय अधिकारी नियत समय पर संबंधित ग्राम पंचायत में मौजूद रहे।






केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में पुरस्कार वितरण के साथ ही प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का हुआ समापन

















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नरसिंहपुर | 


 

केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में निरूद्ध बंदियों के लिए निरंतर सुधारात्मक गतिविधियों के अंतर्गत बंदियों में नई ऊर्जा का संचार, शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ ही प्रादेशिक स्तर पर बंदियों के बीच होने वाले खेल आयोजन को ध्यान में रखकर 14 दिसम्बर से 30 दिसम्बर 2019 तक प्रतिभा- खोज प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी श्री संतोश हरियाल सहायक जेल अधिक्षक के मार्गदर्शन एवं विशेष देखरेख में अधिकारियों- कर्मचारियों एवं बंदियों के बीच खेल समितियों का गठन कर 14 दिसम्बर से प्रारम्भ इस कार्यक्रम में कैरम, शतरंज, वॉलीबाल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पेटिंग, मेंहदी, रंगोली, कुर्सीदौड़ एवं गायन आदि प्रतियोगिताएँ आयोजित कर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। बंदिया ने उत्साहित होकर अपने सभी प्रतियोगिताओं में भाग लिया एवं अपनी कला- कौशल का प्रदर्शन किया। सभी प्रतियोगिताओं के लिए स्टॉफ की ओर से खेल सामग्री की व्यवस्था की गयी। मंगलवार 31 दिसम्बर को कार्यक्रम के समापन अवसर पर जेल में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री रूद्रेश तिवारी डायरेक्टर ऑफ एमआईएमटी कॉलेज नरसिंहपुर, डॉ. संजीव चांदोरकर एवं मो. शमशाद अहमद द्वारा विजीय खिलाड़ियों को ट्राफी एवं प्रमाण- पत्र वितिरित किये गये।
       खेल प्रतियोगिताएँ खण्ड "अ" "ब" "स" के साथ ही महिला जेल में महिला बंदिनीयों के लिए भी आयोजित की गयी। जिसमें महिला बंदिनीयों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि द्वारा जेल में आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा कर कहा कि खेल भावना ही हमें नई ऊर्जा के साथ ही एकता और भाईचारे का बोध कराती है। जेल के अंदर ऐसे आयोजन बंदियों में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने, उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ ही सृजनशीलता, सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं अच्छे स्वास्थ्य को इंगित करते हैं। जेल अधीक्षक ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोगी सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों की सराहना कर सभी बंदियों को अच्छे खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 'जीवन भी एक खेल है जिसमें कभी जीत तो कभी हार होती है जीत का जज्बा सभी में होना चाहिए। जो अपने जीवन को अच्छी सोच, परोपकार के साथ जीता है वह जीत के साथ सुखद आनंद की अनुभूति पाता है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि के साथ ही सभी आगन्तुकों का जेल अधीक्षक ने आभार व्यक्त किया।
       कार्यक्रम में जेल अधीक्षक सुश्री शेफाली तिवारी, उप जेल अधीक्षक श्री सुभाष सागर, सहायक जेल अधीक्षक श्री संतोश हरियाल, श्री अभय वर्मा, श्री कैलाश नेवारे, सुश्री शिल्पा छत्तर,  फार्मासिस्ट श्री ओमकार प्रसाद झारिया, मेलनर्स श्रीमती संध्या धूसिया, शिक्षक श्री राकेश शुक्ला, श्री बसंपति पटैल, श्री योगेन्द्र उईके, सुश्री ज्योति सोनी, बढ़ई प्रशिक्षक श्री प्रभात नागेश्वर, पर्यवेक्षक श्री पुरुषोत्तम मोदी, श्री विपिन कुमार, सिलाई प्रशिक्षक श्री सुभाष जायसवाल, लिपिक श्री संतोष कंडेरे के साथ हीसमस्त सुरक्षा स्टॉफ उपस्थित रहा।







2019- विवेकपूर्ण और साहसिक निर्णयों का वर्ष "विशेष लेख"

 
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नरसिंहपुर


  मध्यप्रदेश के लोकोन्मुखी प्रशासनिक इतिहास में नि:संदेह, वर्ष 2019 विवेकपूर्ण और साहसिक निर्णयों तथा सार्थक आयोजनों के वर्ष के रूप में याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के रूप में श्री कमल नाथ के नेतृत्व वाली नई सरकार ने 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ करने का अपना पहला साहसिक निर्णय लिया। नतीजतन, लगभग 20 लाख किसानों को अब तक राहत मिली और बाकी को राहत मिलना जारी है। यह एक बहुप्रतीक्षित निर्णय था। किसानों द्वारा की गई आत्म-हत्याओं के लिए मुख्य रूप से ऋणग्रस्तता और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की विफलता जैसे कारण बताए गए थे। प्रासंगिक राजस्व कानूनों के तहत किसानों को सामान्य प्रावधानों से अलग हटकर राहत की जरूरत महसूस की जा रही थी।
       सरकार ने तुरंत कृषि ऋणों को माफ करने का अपना पहला आदेश जारी कर अपने पहले वादे का सम्मान किया। खाली हो चुके सरकारी खजाने को देखते हुए निर्णय पर प्रारंभिक रूप से संदेह व्यक्त किया गया। यह प्रभावशाली शुरुआत थी।  इसके बाद विवेकपूर्ण  फैसलों की एक श्रृंखला-सी बन गई। शासन को मज़बूती देना और  नई चुनौतियों का सामना कर समाधान निकालना आवश्यक था। वर्ष के अंत तक यह स्पष्ट हो गया कि पहले की सरकार  की  घोषणाओं और प्रयासों के लिए  बजटीय प्रावधान ही नहीं किए गए थे।
       जनजातीय बहुल क्षेत्रों में गैरकानूनी रूप से  साहूकारी का प्रचलन  हमेशा एक समस्या रही है। छोटी-छोटी रकम की जरूरतों के लिए जनजातीय परिवारों को  अनौपचारिक रूप से काम कर रहे साहूकारों पर निर्भर रहना होता है और वे तनावपूर्ण जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं।  कई वर्षों तक कर्ज़ से दबे रहते हैं। कर्ज में डूबे ऐसे आदिवासी परिवारों के पक्ष में दूसरे साहसिक निर्णय ने काफी हलचल पैदा की। जनजातीय क्षेत्रों में ज्यादा ब्याज दर पर उधार देने की साहूकारी  प्रथा को समाप्त करने के उद्देश्य को लेकर इसकी व्यापक रूप से सराहना की गई। परिणामस्वरूप, कई आदिवासी परिवार साहूकारों की ऋणग्रस्तता के चक्र से बाहर आ गए।
       अर्थ-व्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में अच्छे फैसले और रणनीतिक प्रयास देखे गए। मध्यप्रदेश को आदिवासी कलाओं की विरासत के संरक्षण का विशेषाधिकार पहले ही मिला है। जाने-माने कलाकार स्वर्गीय जनगढ़ सिंह श्याम ने मध्यप्रदेश को दुनिया भर में आदिवासी कला के केन्द्र के रूप में पहचान दिलाई थी। हाल ही में भज्जू सिंह श्याम को गोंड चित्रों की परंपरा को समृद्ध बनाने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। गोंड चित्रकला की विशिष्ट परंपरा और शैली को आगे बढ़ाने के लिए कई गोंड जनजातीय चित्रकार स्व-प्रेरणा से आगे आ रहे हैं। गोंडी बोली में प्राथमिक कक्षाओं के लिए पठन सामग्री को गोंड जनजाति समुदाय के छात्रों के लिए तैयार करने के निर्णय को सराहना मिली।  दुनिया भर में देशज लोगों की लुप्तप्राय हो रही बोलियों और भाषाओं के मद्देनजर यह निर्णय महत्वपूर्ण हो जाता है। भाषाई पहचान के संकट के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इनकी रक्षा तभी हो सकती है, जब इन्हें ज्यादा से ज्यादा बोला और पढ़ा जाए। इसी तरह, 2019 को गोंड कला वर्ष घोषित किया गया।
       बिना देखभाल के घूम रहे गो-वंशीय पशुओं के लिए गौ-शाला निर्माण के राज्य सरकार के एक और महत्वपूर्ण निर्णय ने देशव्यापी ध्यान आकर्षित किया है। गहन समीक्षा के दौरान यह  तथ्य सामने आया कि अनाथ पशुओं के लिए कोई सरकारी स्वामित्व वाली या संचालित गौ-शाला नहीं है।  ऐसे पशु यातायात के लिए खतरा बन रहे हैं, साथ ही खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस निर्णय के तुरंत बाद, कई लोग गौ-शाला बनाने के लिए भूमि और सामग्री दान करने की सरकार की घोषणा के समर्थन में सामने आए। कुछ औद्योगिक घराने इस उद्देश्य के लिए अपने सीएसआर फंड देने की पेशकश कर रहे हैं। कुमार मंगलम बिड़ला ने उच्च तकनीकी युक्त गौ-शालाओं के निर्माण की घोषणा की।
       इस वर्ष अन्य पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से गरीब तबके के लोगों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण करके लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की गई। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले वास्तव में आम आदमी के सबसे बड़े दुश्मन हैं। मिलावट-मुक्त भोजन का उपयोग करने के बारे में दुनिया में लोगों में चेतना बढ़ रही है। दुनिया भर में सरकारें लोक स्वास्थ्य के प्रति चेतना और साक्षरता बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। मध्यप्रदेश जैसे राज्य लोक स्वास्थ्य को खतरे में डालकर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की अनुमति के लिए कभी तैयार नहीं हो सकते। हाल ही में, मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक सतत अभियान चलाने का दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय लिया गया। इस अभियान को खुले मन से लोगों का  समर्थन मिल रहा है।
       इसी वर्ष रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर गाइड-लाइन दर को 20 प्रतिशत तक कम करने की रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनियों द्वारा व्यापक रूप से सराहना की गई। सबसे उत्साहजनक उपलब्धि मध्यप्रदेश को तब मिली, जब टाइगर राज्य का दर्जा दोबारा हासिल हुआ।  इसका श्रेय नि:संदेह रणनीतिक वन्य-जीव संरक्षण प्रयासों और राष्ट्रीय उद्यानों के कुशल प्रबंधन को  जाता है। इंदौर में मैग्नीफिसेन्ट मध्यप्रदेश, छिंदवाड़ा में कॉर्न फेस्टिवल और भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेले जैसे आयोजनों की  काफी चर्चा रही।
       वर्षांत में सरकार ने अपना "विजन-टू-डिलीवरी" रोडमैप 2020-25 बनाया। इसका अनावरण पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया।  डॉ. सिहं ने आर्थिक प्रगति तेज करने की सोच  और प्रयासों की स्पष्टता के लिए राज्य सरकार की सराहना की। एक वर्ष के कम समय में 365 वादे पूरे हुए




अवैध प्लाटिंग कर रहे सात लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज

 
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जबलपुर | 


 

    जिला प्रशासन ने रमनगरा में अवैध रूप से प्लाटिंग कर भूखण्ड का विक्रय करने वाले सात व्यक्तियों के विरूद्ध तिलवारा पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
   एसडीएम गोरखपुर आशीष पाण्डे के मुताबिक गोरखपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम रमनगरा के पटवारी हल्का नंबर 07 में नगर निगम तथा नगर एवं ग्राम निवेश की अनुमति प्राप्त किये बिना मनोहरलाल, शशि वैदेही एवं अजय, अभय, अंकिता वैदेही, मनजीत कौर तथा नोखेलाल द्वारा कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर विक्रय करने की शिकायतें प्राप्त हुई थी। इस शिकायत को क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक से कराई गई जांच में सही पाया गया था।
    श्री पाण्डे ने बताया कि मामले में सभी आरोपियों के विरूद्ध तिलवारा थाने में राजस्व निरीक्षक रमेश प्रसाद कोष्टी द्वारा दर्ज कराई गई है।



स्टेडियम निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए:- मंत्री श्री पटवारी -

















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धार | 


 

 

 


     खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने सोमवार को रीवा में जिला खेल परिसर में निर्माणाधीन स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखे जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण एजेंसी पीआईयू के अधिकारियों से निर्माण संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
    मंत्री श्री पटवारी ने इस मौके पर खेल संघों के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि खेलों के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य श्री राजमणि पटेल भी साथ थे।






ढाई लाख हेक्टेयर में होगा बिगड़े बाँस वनों का सुधार एवं संरक्षण लाभान्वित होंगे डेढ़ हजार वनवासी परिवार

















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धार |


 

 

 


    राज्य शासन ने वनवासियों की आजीविका को सुरक्षित आर्थिक आधार प्रदान करने के लिये  बिगड़े बाँस वनों के सुधार एवं संरक्षण की योजना तैयार की है। वन और ग्रामीण विकास विभाग समन्वित रूप से महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रदेश में 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े बाँस क्षेत्र का सुधार और संरक्षण करेंगे। इस पर लगभग 1365 करोड़ खर्च किये जाएंगे। योजना से शुरू के 4 सालों में लगभग डेढ़ हजार वनवासी परिवार लाभान्वित होंगे।
    अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन श्री चितरंजन त्यागी ने बताया कि इस योजना से वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा। साथ ही, वन संरक्षण भी होगा। योजना में पाँचवें वर्ष से बाँस का विदोहन किया जाएगा। विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा। इसी प्रकार पूर्व से बाँस वनों से आच्छादित रहे क्षेत्रों के 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी बाँस रोपण किया जाएगा। बाँस रोपण के आठवें वर्ष में बाँस विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा।
    वनवासी समुदाय की आजीविका में वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है। वनों के संरक्षण से न केवल उत्पादों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी बल्कि अच्छा वन आवरण, भू-जल और कृषि आधारित आजीविकाओं को भी बेहतर किया जा सकेगा। प्रदेश में 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जो प्रदेश का 30.72 प्रतिशत भू-भाग है। वन प्रबंधन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये प्रदेश में 15 हजार 608 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ गठित हैं। प्रदेश के 66 हजार 874 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का प्रबंधन करने में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समुदायों की भागीदारी से वनों की अवैध कटाई, चराई और अग्नि सुरक्षा पर कारगर नियंत्रण संभव हो सका है।






विद्युत राजस्व संग्रहण में 1832 करोड़ की वृद्धि इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू होने के बाद बढ़ी राजस्व वसूली

















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धार | 


 

 

 


    प्रदेश में इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू होने के बाद विद्युत राजस्व वसूली में लगातार वृद्धि हो रही है। योजना में एक करोड़ से अधिक विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे है। वर्ष 2019 में अप्रैल से नवंबर तक राजस्व वसूली में गत वर्ष के इन महीनों की तुलना में 1832 करोड़ रूपये अधिक राजस्व संग्रह हुआ है। इस वर्ष नवम्बर माह में कुल 2017 करोड़ विद्युत राजस्व संग्रहण हुआ, जो पिछले साल के नवम्बर माह की तुलना में 413 करोड़ अधिक है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने यह जानकारी दी।
    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों ने राजस्व संग्रह में अब तक का उत्कृष्ट योगदान दिया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नवंबर 2019 में 596 करोड़, मध्य क्षेत्र कंपनी द्वारा 587 करोड़ एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 834 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा 452 करोड़, मध्य क्षेत्र कंपनी द्वारा 488 करोड एवं पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा 664 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया गया था। इस नवंबर माह में पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा 31.71 प्रतिशत, मध्य क्षेत्र कंपनी द्वारा 20.38 प्रतिशत और पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा 25.63 प्रतिशत अधिक राजस्व संग्रह किया गया। यह कंपनी गठन के बाद किसी एक माह में सर्वाधिक है।

प्रति यूनिट सर्वाधिक नगद राजस्व

    प्रदेश में प्रति यूनिट नगद विद्युत राजस्व वसूली गत वर्ष 2 रुपये 34 पैसे की तुलना में इस वर्ष नवंबर में 4 रुपये 14 पैसे हो गई है। यह गत वर्ष के इसी माह से 77 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली में वृद्धि का प्रतिशत 91.99 और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी का 81.57 प्रतिशत रहा है। इंदौर सिटी सर्किल 7.78, इंदौर ओ एण्ड एम 6.16, सिंगरौली 6.07, जबलपुर सिटी 6.06 और भोपाल सिटी की प्रति युनिट नगद राजस्व वसूली 5.99 रुपये है।






राज्यपाल श्री टंडन ने प्रदेशवासियों को दी नव-वर्ष की शुभकामनाएँ

 
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धार |


 

 

 


    राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेशवासियों को नव-वर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि नए वर्ष में सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उल्लास समाहित हो।     
    राज्यपाल ने कहा कि नए वर्ष में ऐसा सौहार्दपूर्ण और सद्भावमूलक सामाजिक वातावरण विकसित हो, जिससे राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, सामाजिक समता और न्यायपरक विकास को पूरी शक्ति और गति मिल सके।
    राज्यपाल श्री टंडन ने मंगल-कामना की है कि नये वर्ष में मध्यप्रदेश सतत प्रगति-पथ पर आगे बढ़ता रहे।




समय के साथ चलें "ब्लॉग" -

















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धार | 


 

 

 


    नव-वर्ष 2020 का शुभारम्भ हो रहा है। वर्ष 2019 स्मृति में अंकित हो गया है। हम सब  नव- वर्ष की सुबह का स्वागत  आशाओं, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करें।   हर पल नया सीखने के लिए तैयार रहें और विफलताओं से सीखने के लिए तो हमेशा तैयार रहें।  ख्याल रहे कि असफलताएँ और कुछ नहीं बल्कि आधे-अधूरे मन से किए गए प्रयासों का फल हैं।  सफलता एक सापेक्ष वस्तु है।  कई बार ईमानदार और भरपूर प्रयासों के बावजूद यह दूर रहती है।  इसलिए हमेशा उत्कृष्टता की तलाश करें।  मुझे शास्त्रीय उर्दू शायरी का एक नायाब शेर  याद आता है, जिसमें शायर अल्ताफ हुसैन हाली  कहते हैं-
“है जुस्तजू कि खूब से है खूबतर कहाँ ?
अब ठहरती है देखिए जा कर नजर कहाँ?”

    इसका सीधा अर्थ है कि हमेशा उत्कृष्टता की तलाश में रहें और इसे हासिल करने के लिए बिना थके आगे बढ़ते रहें।
    असफलताओं से डरने और सफलताओं से मोहित होने की जरुरत नहीं । हम  तभी असफल होते हैं, जब हम बदलते समय के साथ तालमेल रखने में असफल होते हैं। समय  कठोर होता है।  वह आपकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति या भौगोलिक पहचान की परवाह नहीं करता।  किसी के लिए नहीं रुकता।  समय एकमात्र कीमती चीज है, जो हर किसी के पास है लेकिन कुछ ही लोगों के पास इसका उपयोग करने का विवेक होता है।
    मुझे प्रसिद्ध रूसी  चित्रकार मार्क चगाल की एक प्रसिद्ध पेंटिंग का शीर्षक याद आता है  कि समय बिना किनारों की नदी है। इसलिए यदि समय को मनचाही दिशा में प्रवाहित करना हो, तो  समय की नदी पर किनारे बनाने के लिए तैयार रहें। यह हम सभी के लिए चुनौती है।  इस प्रयास में कोई हमारी मदद नहीं कर सकता।  जो समय के साथ दोस्ती करते हैं, वे अन्ततः  अपनी मनचाही मंजिलों  को पा लेते हैं। सहजता से अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेते हैं। दुनिया में कुछ चीजें हैं, जो पैसों से नहीं खरीदी जा सकती  जैसे स्नेह, ज्ञान, विश्वास, नींद,  मुस्कुराहट, सेहत, दोस्ती और निश्चित रूप से शक्तिशाली समय।  हम हर पल नष्ट होते जाते हैं यदि कीमती पलों को व्यर्थ गँवाते जाएँ।
    नए साल में, समय के बेहतर और रचनात्मक उपयोग के प्रति संवेदनशील होने का संकल्प लें।  हर पल का सम्मान करें और समय का प्रबंधन करना सीखें।
    हम अच्छे या बुरे समय का आकलन  कर सकते हैं।  हम उज्जवल भविष्य की अच्छी से अच्छी कल्पना कर सकते हैं । हम अपनी विचार प्रक्रिया में वर्तमान समय से आगे की सोच सकते है, लेकिन सच यह है कि हमें समय के साथ ही  चलना है। चाहे विद्यार्थी हो, किसान हों, व्यापारी हों, अमीर या गरीब हों किसी भी पद पर हो, आपको समय के साथ कदमताल  करना होगा ।
    हम समय नहीं देख सकते।  इसे सिर्फ महसूस करते हैं। जैसे हम हवा को नहीं देख सकते लेकिन इसकी गति  को महसूस करते हैं।  हालाँकि घड़ियाँ हमारी मदद करती हैं लेकिन हम समय को बदलाव से ही अनुभव करते हैं।  इसलिए शास्त्रों में  कहा गया है कि समय हर जख्म भर देता है।  सबके  पास अच्छे समय की अपनी सोच  हैं।  लोग अपनी खुशियों के लिए हजारो खर्च करते हैं , लेकिन समय का सदुपयोग करने वालों को  खुशियाँ स्वाभाविक रूप से  मिलती हैं।
    हमें समय के प्रति  बेहद संवेदनशील होना होगा।  इसलिए, हमेशा समय का ध्यान रखें।  घड़ियों, सेकंड, मिनट, घंटे, तारीख, महीने और वर्षों के बिना दुनिया की कल्पना करो।  इनके बिना भी समय का अस्तित्व था और हमेशा रहेगा। यह पृथ्वी और ब्रह्मांड की सबसे कीमती वस्तु है।  एक क्षण भी व्यर्थ न जाने दें।  हमेशा बड़े काम करने का प्रयास करें और अपना योगदान देने के लिए तैयार रहें।
    मैं हमेशा अपने पसंदीदा व्यक्तित्व अल्बर्ट आइंस्टीन के कालजयी शब्दों को दोहराना चाहूँगा  जिन्होंने कहा था - हर दिन सौ बार मैं खुद को याद दिलाता हूँ कि मेरा आंतरिक और बाहरी जीवन अन्य लोगों के श्रम पर आधारित है। चाहे वे जीवित हों या न हों। जो कुछ  मुझे उनसे मिला और अब भी मिल रहा है,  उसे उसी मात्रा में लौटाने के लिए मुझे खुद  श्रम करना होगा।  मुझे विश्वास है कि हर जिम्मेदार नागरिक इन स्वर्णिम शब्दों से सहमत होगा।
    मैं सभी नागरिकों को नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ और कामना करता हूँ कि सब स्वस्थ, प्रसन्न और संपन्न रहें।

-ब्लॉगर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं







एक माह में इंदिरा गृह ज्य़ोति योजना में दी 122.50 करोड़ की सब्सिडी (खुशियों की दास्ताँ) मप्रपक्षेविविकं के 32.40 लाख उपभोक्ताओं को मिली 1 रूपये यूनिट में बिजली

 
इन्दौर | 


 

                 मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मालवा और निमाड़ के लगभग 32.40 लाख बिजली उपभोक्ताओं को इंदिरा गृह ज्योति योजना में सस्ती यानि 1 रूपए यूनिट में प्रथम 100 यूनिट बिजली 100 रूपए में दी जा रही हैं। इस योजना के तहत पिछले एक माह में 122.50 करोड़ रूपए की सब्सिडी बिजली उपभोक्ताओं को दी गई। प्रत्येक घरेलू बिजली बिल में सब्सिडी एवं भुगतान योग्य राशि का स्पष्ट उल्लेख किया जा रहा हैं।
                मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने बताया कि इंदिरा गृह ज्योति योजना में घरेलू उपभोक्ताओं को माह में 150 यूनिट तक खपत करने पर पहले 100 यूनिट बिजली 100 रूपए में प्रदान की जा रही हैं। इस योजना में 150 यूनिट 30 दिन के अंतराल से खपत वाले प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पात्र होते हैं। श्री नरवाल ने बताया कि गत एक माह के दौरान योजना में 32.40 लाख उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं। इन्हें 122.50 करोड़ की सब्सिडी दी गई। जिन उपभोक्ता को इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ मिल रहा हैं, उन्हें पीले रंग के बिल प्रदान किए जा रहे हैं। शेष को पूर्व की तरह सफेद रंग के कागज पर छपे बिल वितरित हो रहे हैं । श्री नरवाल ने बताया कि ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह के निर्देशन में इंदिरा गृह ज्योति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत समीक्षा की जा रही हैं। हर पात्र उपभोक्ता को घरेलू उपयोग के लिए पहले 100 यूनिट तक बिजली मात्र 100 रूपए में प्रदान की जा रही हैं। बिजली कंपनी के सभी 15 जिलों में औसतन दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता योजना का लाभ ले रहे हैं, सबसे ज्यादा इंदौर जिले में तो सबसे कम आगर जिले में उपभोक्ता हैं।
            श्री नरवाल ने बताया कि इंदिरा गृह ज्य़ोति योजना में लाभान्वित हुए अव्वल जिलों में सर्वाधिक इंदौर में 4.70 लाख उपभोक्ताओं को 16 करोड़ की सब्सिडी दी गई है। इसके बाद उज्जैन में 2.97 लाख उपभोक्ताओं को 13.17 करोड़, धार  में 3.25 लाख  उपभोक्ताओं को 13 करोड़, खरगोन में 2.80 लाख उपभोक्ताओं को 10.23 करोड़, रतलाम में 2.30 लाख उपभोक्ताओं को  9.56 करोड़ और देवास में 2.34 लाख उपभोक्ताओं को 9.51 करोड़ की सब्सिडी दी गई।



ग्रामों में सुदृढ अधोसंरचना से समृद्ध मानव विकास का लक्ष्य

 
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शिवपुरी | 


 

 

 


    सदियों देश में सबसे महत्वपूर्ण ईकाई ग्राम ही रहा है। भारत को गाँवों का देश कहा जाता है। हमारी 75 प्रतिशत आबादी या तो गाँव में ही निवास करती है या फिर ग्राम से सम्बन्धित है। हमारी अर्थव्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही है। मध्यप्रदेश में ग्रामों को आर्थिक, सामाजिक, अधोसंरचना और स्वायत्ता के हिसाब से समृद्ध बनाने का काम किया गया है। देश में सर्वप्रथम पंचायतराज व्यवस्था को 73वें संविधान संशोधन विधि के माध्यम से ग्राम-पंचायतों को अपने विकास का कार्य स्वयं तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो देश के इतिहास में सदैव मील के पत्थर के रूप में याद की जाती रहेगी।
    मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से पंचायतों को आर्थिक और अधिकारिता के दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। क्योंकि राज्य सरकार का मानना है कि जब ग्राम समृद्ध होंगे तथा राज्य समृद्ध होगा। वर्तमान सरकार ने अपने पहले वार्षिक बजट में 25 हजार 15 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण विकास और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किया है। वित्त वर्ष की तीन-तिमाई पूरी होते-होते ग्राम विकास का रोड़ मेप और सरकार की मंशा दोनो अपना साकार रूप लेने लगे है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामों को सशक्त अधोसरंचना प्रदान काने के साथ ही मानव विकास गतिविधियों को भी समान्तर तरजीह दी गई है।
    'सड़के' विकास की रीढ़ है। सड़कों के माध्यम से ही विकास की रोशनी दूरस्थ अंचल तक पहुँच सकती है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से 500 तक आबादी लगभग सभी ग्रामों को डामरीकृत सड़क मार्ग से जोड़ा जा चुका है। गत एक वर्ष में 554 मार्ग पूर्ण कर, 3319 कि.मी. सड़कों का निर्माण कर 366 बासहटों को सम्पर्क सूत्र से जोड़ा गया है। ग्रामीण सार्थकता परियोजना के तहत 136 करोड़ रूपये के व्यय से 2752 कि.मी. डामरीकृत और सीमेन्ट कांक्रीट निर्माण भी पूर्ण किया गया है। राज्य वित्त पोषित अन्य योजनाओं से 670 कि.मी. मार्ग पूर्ण कर 580 ग्रामों को जोड़ा गया है।
    प्रधानमंत्री आवास योजना में 40 प्रतिशत भागीदारी के साथ 2 लाख 72 हजार 889 रूपये के व्यय से 2,23,133 आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं।
    मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद 'स्वच्छ भारत मिशन' में पुनः सर्वे कराकर, 2012 में छूटे 3,06,098 आवासों को चिन्हित किया गया है। इनमें आवास बनाने का कार्य प्रगति पर है। अभी तक 219 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा चुकी है। प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए ग्राम में ही राज मिस्त्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी राज्य सरकार की अभिनव पहल है। प्रदेश में 19690 राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया, इनमें 9411 महिला राज मिस्त्री तैयार की गई है।
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास में भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। 'पंचायत दर्पण' पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की भुगतान प्रक्रिया ऑन-लाईन की गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा त्म्ैव्ॅडै, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इन सरल डेव्हलपमेंट विकसित की गई है।
    प्रदेश में रोजगार गतिविधियों के तहत मानव विकास बतिविधियों को प्रोत्साहित करने का काम भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। म.प्र. अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 5 लाख 32 हजार परिवारों को 49 हजार 815 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इनमें से 37 हजार 97 समूहों को 232 करोड़ के ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराये गये है। स्व-सहायता समूहों की रोजगार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने भोपाल हाट बाजार में 'सरस-मेलों' का आयोजन किया गया, आजीविका मिशन की महिला सदस्यों को नई-दिल्ली फूड कोर्ट में व्यंजनों की स्टाल लगाने का अवसर दिया गया।
    इसके साथ ही पंचायत राज संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए उनके अधिकारों में बढ़ोत्तरी, ग्राम स्तर पर जी.पी.डी.पी. (ळच्क्च्) तैयार कराना, ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए 8 मार्च को 'सबला-सभाओं', 19 नवम्बर को प्रिय-दर्शिनी सभाओं का आयोजन प्रारम्भ किया गया है। आवासीय भू-खण्ड एवं आवास आवंटन महिलाओं के नाम करने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ की गई है।
    पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मैदानी काम करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की 66,492 शालाओं में भोजन बनाने के लिए शत-प्रतिशत शालाओं के रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए गए है। इससे पेड़ो (लकड़ी) की कटाई और धुएं से होने प्रदूषण को कम से कम करने में मदद मिलेगी।
    प्लास्टिक मुक्त भारत में मध्यप्रदेश की अभिनव पहल के तौर पर एम.पी.आर.आर.डी.ए. द्वारा प्लास्टिक वेस्ट मटेरियल के माध्यम से साढ़े सात हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। इसमें 3650 मैट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया गया है।
    जल-संसाधन एवं संवर्धन की गतिविधियाँ भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू की गई है। इनमें नदी पुर्नजीवन के तहत 40 जिलों की 40 नदियों को पुर्नजीवित करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 953.41 करोड़ लागत के 56,193 कार्य हाथ में लिए गये है विभिन्न क्षेत्रों में 40.92 करोड़ से 4674 कार्य पूर्ण किए जा चुके है। साथ ही पानी के संकट का सामना कर रहे बुन्देलखण्ड अंचल को 10वीं शताब्दी तक के 'चंदेला-बुन्देला' तालाबों को पुनः रूद्धार कराने का कार्य भी प्राप्त किया गया है। हम कह सकते है ग्रामीण विकास के क्षेत्र में 'हम लक्ष्य तक पहुँचे भले ही न हो' लेकर प्रस्थान तो अवश्य है।




जन-सुनवाई में 80 आवेदक पहुँचे अपनी समस्यायें लेकर तेज सर्दी को देखते हुए बुजुर्ग आवेदकों को ओढ़ाए कंबल, छात्रा स्वाति रावत को साईकिल एवं यूनुस को मिली सिलाई मशीन

















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ग्वालियर |


 

     शासन की मंशानुसार जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रति मंगलवार को आयोजित होने वाली जन-सुनवाई कार्यक्रम के तहत आज 80 आवेदकों की समस्याओं को सुनकर उनके निराकरण की कार्रवाई अधिकारियों द्वारा की गई।
    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जन-सुनवाई के तहत उपस्थित हुए प्रत्येक आवेदक के आवेदन पत्र को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना एवं त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री टी एन सिंह एवं श्री रिंकेश वैश्य, रेडक्रॉस के सचिव डॉ. आर पी शर्मा सहित जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।
    श्री वर्मा ने जन-सुनवाई के दौरान गरीब वृद्ध पुरूष एवं महिलाओं की समस्याओं को सुनते हुए तेज सर्दी से बचाव हेतु कंबल प्रदान किए। जनसुनवाई में शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय मामा का बाजार ग्वालियर की कक्षा-6 की छात्रा कु. स्वाति रावत पुत्री श्री बृजमोहन रावत को साइकिल प्रदाय की। इस दौरान आपागंज निवासी मोहम्मद यूनुस खान को सिलाई मशीन प्रदान की गई।
श्री वर्मा ने हनुमान नगर गोले का मंदिर निवासी श्री सतीश सिकरवार के बेटे की सड़क दुर्घटना में गत दिवस मृत्यु हो जाने पर रेडक्रॉस से 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। उन्होंने दिव्यांग बेरोजगार श्री शंकर गुर्जर को स्वरोजगार योजना के तहत प्रकरण बनाने के संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए।





मरीजों की सुविधा हेतु ब्लड सेंपल के लिये खोले जायें कलेक्शन सेंटर – विधायक श्री गोयल विधायक ने किया जयारोग्य अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण

 
ग्वालियर | 


 

    क्षेत्रीय विधायक श्री मुन्नालाल गोयल ने आज जयारोग्य अस्पताल, न्यूरोलोजी का निरीक्षण किया इसके बाद मेडिकल कॉलेज में डीन डा. सरोज कोठारी एवं अधीक्षक डा. अशोक मिश्रा के साथ बैठक कर निर्देश प्रदान किये।
   सेन्ट्रल पेथोलोजी में मरीज परेशान हो रहे हैं, इसे दूर करने के लिये विधायक ने यह सुझाव दिया कि वहां पर आने वाले सभी मरीजों के लिये ब्लड सेंपल कलेक्ट करने के लिये कलेक्शन सेंटर बनाया जाये। यह सेंटर कमलाराजा अस्पताल, न्यूरोलोजी, जयारोग्य अस्पताल, कार्डियोलोजी, आई.सी.यू एवं ट्रोमा सेंटर में बनाया जायेगा। ब्लड की जांच के सेंपल मरीजों से लेकर कलेक्शन सेंटर में जमा होगा और सभी कलेक्शन सेंटर से सेंपल को कलेक्ट करके जे.ए.एच के द्वारा उपलब्ध गाड़ी से यह सेंपल सेंट्रल पेथोलोजी लेब में पहुंचाया जायेगा और उसी तरह से प्राप्त की गई जांच रिपोर्टों को कलेक्शन सेंटर को भेजा जायेगा ताकि मरीजों को सेंट्रल पेथोलोजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहां पर व्यवस्थाओं में सुघार होगा एवं नये वर्ष में मरीजों को सुविधा होगी। इस प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेज के डीन एवं अधीक्षक तथा पेथोलोजी के विभागाध्यक्ष डॉ. के.एस. मंगल के द्वारा इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई।
   आरएफआईडी सिस्टम के द्वारा अस्पताल में जो पार्किंग उपलब्ध कराई जा रही है उसके बारे में विधायक श्री गोयल ने यह निर्देश दिये कि प्रवेश द्वार पर किसी से भी कोई शुल्क न लिया जाये। कमलाराजा एवं जयारोग्य अस्पताल में पार्किंग के लिये स्थान चिन्हित कर वहां आर.एफ.आई.डी सिस्टम लगाया जाये। इसके संबंध में अधीक्षक डा. मिश्रा ने अपनी सहमति प्रदान की।
   बैठक में अधीक्षक डा. मिश्रा द्वारा विधायक से पांच ई-रिक्शा जयारोग्य अस्पताल को देने की मांग की गई जिसमें विधायक श्री गोयल ने विधायक निधि से अपनी स्वीकृति प्रदान की।
   विधायक के द्वारा यह निर्देश दिये गये कि वहां काम करने वाले हाउसकीपिंग एवं सिक्योरिटी के लोगों को वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया जाये। इस पर सभी उपस्थित अधिकारियों ने अपनी सहमति प्रदान की।
   बैठक में जयारोग्य अधीक्षक डा. मिश्रा द्वारा कड़कड़ाती ठंड में मरीजों के लिये गरम हवा के 30 ब्लोअर देने की बात कही गई। जिसमें विधायक ने शीघ्र ही सामाजिक संस्थाओं से ब्लोअर जयारोग्य अस्पताल को उपलब्ध कराने की घोषणा की। बैठक में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ता प्रमोद पाण्डे ने स्वयं की निधि से 10 ब्लोअर देने की स्वीकृति प्रदान की।  
   दौरे में विधायक श्री गोयल अधीक्षक कार्यालय के बाहर मरीजों के अटेण्डरों के लिये लगे हुए टीनशेड स्थल पर पहुंचे वह टीनशेड पूर्ण रूप से जीर्ण शीर्ण स्थिति में था। श्री गोयल ने मौके पर नवीन टीनशेड लगाये जाने तथा रिक्त पड़ी भूमि पर भी नवीन टीनषेड लगाये जाने तथा कच्ची जमीन पर मरीज व अटेण्डरों की सुविधा के लिये इन्टर लोकिंग टाईल्स लगाये जाने के निर्देश प्रदान किये ।
   जयारोग्य अस्पताल के दौरे में मरीजों के अटेण्डरों ने कहा कि इस कड़कड़ाती ठंड में उन्हें बेहद परेशानी हो रही है। प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की जाए। श्री गोयल ने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को अस्पताल परिसर में अलाव लगाने के निर्देश प्रदान किये। कार्यकर्ताओं ने आज से ही जयारोग्य में अलाव की व्यवस्था कर दी है।
   बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि ट्रोमा सेंटर में जगह की कमी के कारण मरीजों को बेहद परेशानी हो रही है। विधायक श्री गोयल ने मेडिकल कालेज के डीन को ट्रोमा सेंटर के उपर नया हाल बनवाने हेतु पी.डब्ल्यू डी को प्रस्ताव पहुंचाकर इस्टीमेट बनाने के निर्देश प्रदान किये।  
   इस दौरे एवं बैठक में ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बंटी बघेल, प्रमोद पाण्डे, सुरेन्द्र सिंह यादव, मोहन सिंह, शरद यादव, मनोज शर्मा, अर्जुन यादव, करन साहू अनूप षिवहरे, अनिल कौषिक सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।



मरीजों की सुविधा हेतु ब्लड सेंपल के लिये खोले जायें कलेक्शन सेंटर – विधायक श्री गोयल विधायक ने किया जयारोग्य अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण

 
ग्वालियर | 

 




 

    क्षेत्रीय विधायक श्री मुन्नालाल गोयल ने आज जयारोग्य अस्पताल, न्यूरोलोजी का निरीक्षण किया इसके बाद मेडिकल कॉलेज में डीन डा. सरोज कोठारी एवं अधीक्षक डा. अशोक मिश्रा के साथ बैठक कर निर्देश प्रदान किये।
   सेन्ट्रल पेथोलोजी में मरीज परेशान हो रहे हैं, इसे दूर करने के लिये विधायक ने यह सुझाव दिया कि वहां पर आने वाले सभी मरीजों के लिये ब्लड सेंपल कलेक्ट करने के लिये कलेक्शन सेंटर बनाया जाये। यह सेंटर कमलाराजा अस्पताल, न्यूरोलोजी, जयारोग्य अस्पताल, कार्डियोलोजी, आई.सी.यू एवं ट्रोमा सेंटर में बनाया जायेगा। ब्लड की जांच के सेंपल मरीजों से लेकर कलेक्शन सेंटर में जमा होगा और सभी कलेक्शन सेंटर से सेंपल को कलेक्ट करके जे.ए.एच के द्वारा उपलब्ध गाड़ी से यह सेंपल सेंट्रल पेथोलोजी लेब में पहुंचाया जायेगा और उसी तरह से प्राप्त की गई जांच रिपोर्टों को कलेक्शन सेंटर को भेजा जायेगा ताकि मरीजों को सेंट्रल पेथोलोजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहां पर व्यवस्थाओं में सुघार होगा एवं नये वर्ष में मरीजों को सुविधा होगी। इस प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेज के डीन एवं अधीक्षक तथा पेथोलोजी के विभागाध्यक्ष डॉ. के.एस. मंगल के द्वारा इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई।
   आरएफआईडी सिस्टम के द्वारा अस्पताल में जो पार्किंग उपलब्ध कराई जा रही है उसके बारे में विधायक श्री गोयल ने यह निर्देश दिये कि प्रवेश द्वार पर किसी से भी कोई शुल्क न लिया जाये। कमलाराजा एवं जयारोग्य अस्पताल में पार्किंग के लिये स्थान चिन्हित कर वहां आर.एफ.आई.डी सिस्टम लगाया जाये। इसके संबंध में अधीक्षक डा. मिश्रा ने अपनी सहमति प्रदान की।
   बैठक में अधीक्षक डा. मिश्रा द्वारा विधायक से पांच ई-रिक्शा जयारोग्य अस्पताल को देने की मांग की गई जिसमें विधायक श्री गोयल ने विधायक निधि से अपनी स्वीकृति प्रदान की।
   विधायक के द्वारा यह निर्देश दिये गये कि वहां काम करने वाले हाउसकीपिंग एवं सिक्योरिटी के लोगों को वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया जाये। इस पर सभी उपस्थित अधिकारियों ने अपनी सहमति प्रदान की।
   बैठक में जयारोग्य अधीक्षक डा. मिश्रा द्वारा कड़कड़ाती ठंड में मरीजों के लिये गरम हवा के 30 ब्लोअर देने की बात कही गई। जिसमें विधायक ने शीघ्र ही सामाजिक संस्थाओं से ब्लोअर जयारोग्य अस्पताल को उपलब्ध कराने की घोषणा की। बैठक में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ता प्रमोद पाण्डे ने स्वयं की निधि से 10 ब्लोअर देने की स्वीकृति प्रदान की।  
   दौरे में विधायक श्री गोयल अधीक्षक कार्यालय के बाहर मरीजों के अटेण्डरों के लिये लगे हुए टीनशेड स्थल पर पहुंचे वह टीनशेड पूर्ण रूप से जीर्ण शीर्ण स्थिति में था। श्री गोयल ने मौके पर नवीन टीनशेड लगाये जाने तथा रिक्त पड़ी भूमि पर भी नवीन टीनषेड लगाये जाने तथा कच्ची जमीन पर मरीज व अटेण्डरों की सुविधा के लिये इन्टर लोकिंग टाईल्स लगाये जाने के निर्देश प्रदान किये ।
   जयारोग्य अस्पताल के दौरे में मरीजों के अटेण्डरों ने कहा कि इस कड़कड़ाती ठंड में उन्हें बेहद परेशानी हो रही है। प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की जाए। श्री गोयल ने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को अस्पताल परिसर में अलाव लगाने के निर्देश प्रदान किये। कार्यकर्ताओं ने आज से ही जयारोग्य में अलाव की व्यवस्था कर दी है।
   बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि ट्रोमा सेंटर में जगह की कमी के कारण मरीजों को बेहद परेशानी हो रही है। विधायक श्री गोयल ने मेडिकल कालेज के डीन को ट्रोमा सेंटर के उपर नया हाल बनवाने हेतु पी.डब्ल्यू डी को प्रस्ताव पहुंचाकर इस्टीमेट बनाने के निर्देश प्रदान किये।  
   इस दौरे एवं बैठक में ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बंटी बघेल, प्रमोद पाण्डे, सुरेन्द्र सिंह यादव, मोहन सिंह, शरद यादव, मनोज शर्मा, अर्जुन यादव, करन साहू अनूप षिवहरे, अनिल कौषिक सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।



सीएम हेल्पलाइन को गंभीरता से न लेने पर तीन जनपद सीईओ को मिला नोटिस

 
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ग्वालियर | 
 



 

    राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम सीएम हैल्पलाइन में प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण में रूचि न लेने एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण न करने के आरोप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने जिले की तीन जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिवस के अंदर लिखित में उत्तर देने के निर्देश दिए हैं।
    जारी कारण बताओ सूचना पत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डबरा श्री कुलदीप श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घाटीगांव श्री हरज्ञान सिंह किरार और जनपद पंचायत मुरार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शैलेन्द्र यादव शामिल हैं।



सीएम हेल्पलाइन को गंभीरता से न लेने पर तीन जनपद सीईओ को मिला नोटिस

 
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ग्वालियर | 


 

    राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम सीएम हैल्पलाइन में प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण में रूचि न लेने एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण न करने के आरोप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने जिले की तीन जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिवस के अंदर लिखित में उत्तर देने के निर्देश दिए हैं।
    जारी कारण बताओ सूचना पत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डबरा श्री कुलदीप श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घाटीगांव श्री हरज्ञान सिंह किरार और जनपद पंचायत मुरार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शैलेन्द्र यादव शामिल हैं।



7 निजी अस्पतालों के पंजीयन एवं लायसेंस निलंबित

 
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ग्वालियर | 


 

    जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच दल ने जिले में संचालित निजी नर्सिंग होमों एवं चिकित्सालयों का मंगलवार को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अनियमिततायें पाई जाने पर 7 निजी नर्सिंग होम एवं निजी चिकित्सालयों के पंजीयन एवं लायसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई चिकित्सा शिक्षा माफिया अभियान के तहत की गई है। साथ ही उक्त चिकित्सालयों के विरूद्ध रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल को नियमानुसार कार्रवाई किए जाने हेतु पत्र भेजा गया है।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मृदुल सक्सेना ने बताया कि जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की अनियमिततायें पाए जाने पर पाँच निजी नर्सिंग होम एवं निजी चिकित्सालयों के पंजीयन एवं लायसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। जिनमें सिटी हॉस्पिटल नया बाजार, श्रीमती आशादेवी मेमोरियल हॉस्पिटल लालघाटी स्टोनपार्क के पास मोतीझील, एसएसआईएमएस हॉस्पिटल शिवपुरी लिंक रोड़, बालाजी मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल केदारपुर शिवपुरी ‍लिंक रोड़, प्रखर हॉस्पिटल बरौआ, प्राशी हॉस्पिटल ग्राम व पोस्ट बरौआ एवं एन के मेमोरियल हॉस्पिटल एक्सप्रेस-वे करगवां रोड़ ग्वालियर शामिल हैं। 



जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं

















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दतिया | 


 

    कलेक्टर श्री रोहित सिंह ने आज यहां कलेक्ट्रेट में कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनके निस्तारण के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
    आज कलेक्टर जनसुनवाई में नागरिकों की ओर से उनकी समस्याओं संबंधी 45आवेदन-पत्र प्रस्तुत किए गए।  
    जनसुनवाई में आए आवेदन-पत्रों को संबंधित अधिकारियों को निस्तारण हेतु भिजवा दिया गया। कलेक्टर जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बी.एस. जाटव, अपर कलेक्टर श्री विवेक कुमार रघुवंशी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।






अ.जा. वर्ग के 16 उत्पीड़ित व्यक्तियों को सवा चौदह लाख की राहत राशि मंजूर

















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अ.जा. वर्ग के 16 उत्पीड़ित व्यक्तियों को सवा चौदह लाख की राहत राशि मंजूर
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दतिया | 

 




 

    जिला प्रशासन ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के 16 उत्पीडि़त व्यक्तियों केा 12 लाख 75 हजार रूपये की राहत राशि मंजूर की है।
    इनमें से ग्राम भेदवरा निवासी श्री अनिल पुत्र सीताराम वंशकार एवं श्रीमती अंजना पत्नी श्री अनिल वंशकार, हजारी मोहल्ला भाण्डेर निवासी श्री नितिन पुत्र श्री बृजकिशोर वर्मा, ग्राम चीना निवासी श्री रामकुमार पुत्र रामसिया परिहार, ग्राम गोंदन निवासी श्री सोनू पुत्र भगवान सिंह जाटव, छिपेटी मोहल्ला भाण्डेर निवासी श्री संतोष पुत्र राधाचरन वर्मा, ग्राम तैड़ोत हाल बजरंग नगर चंद्रवती नाका ग्वालियर निवासी श्री मोहित पुत्र श्री मनोहर जाटव, सेवढ़ा हाल ग्राम फूटी कालौनी सिरोल ग्वालियर निवासी श्री धीरज पुत्र श्री कमलेश बरार, ग्राम रानीपुरा निवासी श्री विक्की पुत्र मनोज गंगोलिया एवं श्री वरून पुत्र श्री मनोज गंगोलिया, रामनगर मजिस्द के पास दतिया निवासी श्री मोनू उर्फ माधव पुत्र श्री कैलाश परिहार ग्राम जिगनिया निवासी श्री शत्रुघन पुत्र किशन सिंह परिहार को 75-75 रूपये तथा ग्राम रानीपुरा निवासी कु. निक्की पुत्री मनोज गंगोलिया को 1 लाख 50 हजार रूपये, ग्राम खिरियारियासत निवासी श्रीमती गायत्री पत्नी श्री अजीत दोहरे को 1 लाख 50 हजार रूपये तथा चुनगर फाटक निवासी श्रीमती पूजा पत्नी स्व. श्री गोविंद सिंह परिहार को 50 हजार रूपये एवं ग्राम सलैयापमार निवासी श्री गिरवर पुत्र मनीराम जाटव को 25 हजार रूपये की राहत राशि की स्वीकृति दी गई है। 






नेहरु युवा केन्द्र द्वारा कराया गया जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन

 
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सीहोर | 


 2019 के अंतिम दिन नेहरू युवा केंद्र सीहोर(म.प्र) द्वारा खेल परिसर मैदान में नसरुल्लागंज सीहोर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सीहोर जिले के 200 करीब युवाओं ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लिया। खेलों के दौरान बालक वर्ग एवं बालिका वर्ग के बीच वॉलीबॉल, 200 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़,  कबड्डी एवं शॉटपुट जैसे खेलों आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नेहरू युवा केन्द्र समन्वयक सुश्री निककी राठौर के द्वारा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की फ़ोटो के समक्ष माल्यार्पण एवं  दीपप्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। पुरुस्कार वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत विधायक प्रतिनिधि श्री राजेश लखेरा उपस्थित थे।  श्री लखेरा ने बताया कि प्रतिदिन व्यायाम करने से शरीर स्वास्थ रहता हैं एवं ऐशे खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेकर आज हम अपना नगर एवं माता-पिता का नाम भी  ऊंचा कर सकते हैं और एक दिन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जा सकते हैं, अभयास करते रहना चाहिए। 200 मीटर दौड़ में साक्षी (इछवार) प्रथम, मोनिका (नसरुल्लागंज) द्वितीय , रूपेश जलोदिया (इछवर) प्रथम एवं अजय बारेला (नसरुल्लागंज) द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर में साक्षी (इछवर) प्रथम, अंकिता (नसरुल्लागंज) द्वितीय , अभिषेक वर्मा  (आष्टा) प्रथम एवं हिरदेश वर्मा (इछवार) द्वितीय स्थान प्राप्त किया । गोला फेक में महक अली (नसरुल्लागंज) प्रथम, साक्षी जाट (नसरुल्लागंज) द्वितीय एवं नितिन (नसरुल्लागंज) प्रथम,  कुणाल (नसरुल्लागंज) द्वितीय स्थान प्राप्त किया। टीम गमे में वॉलीबॉल बालिका विजेता : देव माता स्कूल नसरुल्लागंज, वॉलीबाल बालिका उपविजेता : भारती विद्या मंदिर स्कूल नसरुल्लागंज, वॉलीबॉल बालक विजेता इछवार, वॉलीबॉल बालक विजेता : देव माता स्कूल नसरुल्लागंज, कबड्डी बालिका विजेता : गांधी व्यायाम शाला नसरुल्लागंज, कबड्डी बालिका उपविजेता : देव माता स्कूल नसरुल्लागंज, कबड्डी बालक विजेता : विद्यार्थी एंड केअर क्लब A नसरुल्लागंज, कबड्डी बालक उपविजेता : विद्यार्थी एंड केअर क्लब B नसरुल्लागंज स्थान प्राप्त किया गया ।
    इस अवसर पर मंगल सिंह कुशवाह नेशनल युथ वालंटियर मधु मालवीय, सद्दाम खान, नसरुल्लागंज स्पोर्ट्स ऑफिसियल सुनील जी पंवार, प्रबल जी अग्रवाल, सतीश जी यादव, सतीश चंद्र जी लारा, नरेंद्र जी चौहान, पवन जी मालवीय, नीलेश जी पंवार, खेल मंडल अध्यक्ष रजत मालवीय, उपाध्यक्ष मनीष मांझी, सचिव योगेश साहू, सह सचिव सुमित परिहार, सांस्कृतिक मंडल अध्यक्ष रवि पंवार, उपाध्यक्ष अंकिता विश्वकर्मा, श्री सुरेश मालवीय आदि उपस्थित थे।




युवाओं में शिक्षा और व्यक्तित्व विकास "विशेष लेख"

















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सीहोर | 


 

 

 

   
    सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला देश भारत है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। यहां 35.6 करोड़ आबादी युवा है।"1.8 अरब लोगों की ताकत" शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वाधिक युवा आबादी के मामले में 26.9 करोड़ युवाओं के साथ चीन दूसरे स्थान पर है।" भारत की 28 फीसद आबादी की आयु दस साल से 24 साल के बीच है। भारत प्रतिस्पर्धा के इस युग में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी ख्याति विस्तारित कर रहा है। चाहे वह सांस्कृतिक क्षेत्र हो या खेलों का क्षेत्र। किन्तु आज जिन मुख्य तथ्यों की चर्चा हम करेंगे वो बहुत ही अहम हैं।
    शिक्षा में भाषायी महत्ता- वर्तमान समय में देखा गया है कि भारत में बढती हुई आबादी एवं घटता हुआ सहज शिक्षा का स्तर अनेक चिंताओं को बढ़ा रहा है। वास्तविक शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थी आज अंग्रेजी एवं हिंदी भाषा को अधिक महत्वपूर्ण न मानकर विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों में अधिक रूचि लेकर पढाई करता है। ऐसे अनेक संस्थानों में विद्यार्थी जाते हैं जहाँ विज्ञान, गणित एवं वाणिज्य की कोचिंग चलाई जाती है, यहाँ तक कि अंगेजी की भी कोचिंग विद्यार्थी जाते हैं, किन्तु हिंदी को न पढ़कर अपना परीक्षा परिणाम ख़राब कर लेते हैं | स्वयं मैंने देखा है कि 12वीं उत्तीर्ण एवं स्नातक विद्यार्थी को भी आवेदन पत्र एवं चिट्ठी लिखनी नहीं आती। देखा है कि टॉप करने वाले विद्यार्थी हिंदी भाषा में कम अंक लाते हैं। भारत एक हिंदीभाषी राष्ट्र है, जिसकी राजकीय भाषा हिंदी है। आज के स्तर का विद्यार्थी हिंदी साहित्य के शब्दों को समझने एवं पढने में समर्थ नहीं है।
    वही दूसरी समस्या है नेतृत्व की कमी- वर्तमान समय में समाज में विद्यार्थी केवल शिक्षा प्राप्त करके नौकरी की तलाश करना प्रारंभ कर देते है। आज भारतीय छात्र शिक्षित तो हो रहा है किन्तु आज भी ज़मीनी स्तर की हकीकत कहती है कि 100 में से 90 छात्र - छात्राओं को 5 मिनिट किसी विषय पर बोलने में भी कठिनाई होती है। व्यक्तित्व विकास न होने का एकमात्र कारण है विद्यार्थियों की पाठ्यांतर गतिविधियों में अरुच। यदि विद्यार्थी सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे तो न केवल उनका बौद्धिक विकास होगा वरन उनका व्यक्तित्व विकास भी निश्चित रूप से होगा।







कुपोषित बच्चों को खिलाया पोष्टिक आहार, बताया महत्व

बुरहानपुर। शहर के आलमगंज सेक्टर के अंतर्गत सिंधीपुरा आंगनवाड़ी केंद्र 4 पर बाल भोज कराया गया। कार्यकर्ता मंजू सिंह ठाकुर ने बताया गुरुवार को...