सोमवार, 17 फ़रवरी 2020

35 साल के बिछड़े मित्र हुए एकत्रित एवं सैफी गोल्डन जुबली कादरिया कॉलेज बुरहानपुर जाकर अपनी पुरानी यादों को ताज़ा किया*

                 


बुरहानपुर ( मेहलक़ा अंसारी) हाजी एजाज अहमद राही ने बताया कि सैफी गोल्डन जुबली कादरिया कॉलेज बुरहानपुर के 1982 से 1985 के बैच के देश के विभिन्न शहरों के बिछड़े हुए सहपाठी मित्रगण  35 साल बाद रविवार 16 फरवरी 2020 को कमल टॉकीज बुरहानपुर के पास एकत्रित हुए एवं एक गाड़ी के माध्यम से अपने बचपन की पुरानी यादों को ताजा करने के लिए कादरिया साइंस कॉलेज गए और उसी क्लास में बैठकर कॉलेज के संचालक एम एच  सलीम के विचारों से पुनः लाभान्वित होने और पुरानी यादों के यादगार क्षणों को एक दूसरे से शेयर करने  के बाद रसायन शास्त्र की लैब का निरीक्षण किया । हाजी एजाज अहमद राही के अनुसार पुराने सहपाठी मित्रों को को एकत्रित करने में  श्रीमती आस्था राय (संचालिका,आशा निकेतन स्कूल) प्रमोद मोदी (कलेक्टर कार्यालय बुरहानपुर) कल्पना दुबे, हरीश जवादे और मुकेश राज ने खंडवा, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नांदुरा, पुणे, नाशिक और अहमदनगर के साथ स्थानीय छात्रों से संपर्क करके 35 साल बाद ना केवल सब सहपाठियों को एकत्रित किया बल्कि बुरहानपुर के विभिन्न ऐतिहासिक एवं हेरिटेज भवनों को देखने भी गए ।



इस अवसर पर सभी सहपाठी मित्रों ने दिन भर खूब इंजॉय किया और अंत में एक निजी होटल में भोजन के पश्चात एक दूसरे को भेंट डेट स्वरूप स्मृति चिन्ह देकर निकट भविष्य में अगर जिंदगी सलामत रही तो फिर मिलेंगे, के वादे के साथ नम आंखों से एक दूसरे को अलविदा कहा । समस्त एकत्रित हुए सहपाठी साथियों ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी आयोजनकर्ता साथियों का मनसे आभार व्यक्त किया । आस्था राय, शबाना बेदी,पूर्णिमा सराव, कल्पना दुबे, टेक बाला मन्नत वाला, इम्तियाज खान, सलीम खान, इलियास  शेख, भानु प्रताप सिंह, राकेश मल्होत्रा, एडवोकेट किरण महाजन, एजाज़ अहमद राही, प्रमोद मोदी,मुकेश राजे, आशा देशपांडे ने सराहनीय भूमिका अदा की।


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