रविवार, 16 फ़रवरी 2020

बंदूक की नोक पर बैंक कर्मियों को लूटने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।


बुरहानपुर(मेहलका अंसारी )निंबोला थाना क्षेत्र में घटना 21 जनवरी को बैंक मैनेजर और कर्मचारी के साथ लूट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने धरदबोच लिया है। रविवार को आरोपियों का खुलासा किया गया। एसपी भगवतसिंह बिरदे ने लूट करने में 7 बदमाश शामिल थे। सभी को एक-एक कर पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से हथियार सहित नकदी और मोबाइल, टेबलेट भी जब्त कर लिए है। आरोपियों ने मैनेजर से 1 लाख 10 हजार रुपए लूटे थे। उनके कब्जे से 60 हजार रुपए और बाइक भी जब्त की है। ग्राम भोजाखेड़ी निवासी आरोपी साकीर पिता सईद को पकड़ा गया। इसके बाद आरोपी निवासी टोकरखेड़ा कुनाल पिता दिलीप गाढ़े, टोकरखेड़ा निवासी जीवन पिता पूनम देवड़े, निलेश पिता मुन्ना निवासी लालमाटी फालिया धौंड, देवेश पिता प्यारसिंह निवासी पिपलिया फालिया ग्राम झिरपांजरिया, सिराज खान पिता ईस्माइल खान निवासी भोजाखेड़ी, इमरान खान पिता रमजान खान निवासी सिपटान थान गोगांवा को पकड़ा गया।  आबीएल फिनिसर्व रत्नाकर बैंक की माता चौक खंडवा शाखा ब्रांच मैनेजर हरपाल पिता हिम्मतसिंह राजपूत और उसके साथी के साथ बाइक रोककर लूट की गई थी। हरपाल की शाखा द्वारा खंडवा और बुरहानपुर जिले के गांवों में महिला समूह को लोन दिया है। हरपातल और उसका साथी 21 जनवरी को किस्त वसूलने के लिए ग्राम सुक्ताखुर्द, धौंड, झिरपांजरिया से रुपए लेने जा रहे था। शाम करीब 5.30 बजे गंभीरपुरा और ईटारिया के बीच पीछे से एक बिना नंबर की मोटर साइकिल वाला आगे निकला। बाइक पर एक और बदमाश पीछे बैठा था। दोनों ने ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने मैनेजर की बाइक रोक दी और पिस्टल दिखाकर कहा रुपयो का बैग हमें दे दों। इसी दौरान पीछे से एक और बाइक आई। इस पर तीिन बदमाश बैठे थे। हमने डरकर रुपयों से भरा बैग दे दिया। फील्डवर्कर विकास सिसोदिया हरपाल के साथ था। पिस्टल देखकर दोनो डर गए थे। बैग के अलावा एमआई कंपनी का मोबाइल भी ले लिया। बैग में सैमसंग कंपनी का टेबलेट व वसूली के एक लाख 10 हजार रुपए थे। जो बदमाश ले गए। हरपाल की रिपोर्ट पर थाना निंबोला पर प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक जगदीश सिंधिया ने मामले को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अफसरों को घटना बताई। माले को गंभीरता से लेते हुए एसपी, एएसपी महेंद्र तारणेकर, के निर्देश में टीम बनाई गई। इसमें एसडीओपी नेपानगर एसआर सेंगर के मार्गदर्शन में जगदीश सिंधिया, एसआई सतीश धुर्वे, एएसआई कमल मोरे, प्रधान आरक्षक अशोक पटेल, चंद्रकांत महाजन, संदीप, अमित हनोतिया, आरक्षक दयाराम, राजकुमार, राजेश, संदीप, कुंदर और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र बागुल, दुर्गेश, मनोज और विवेक ने आरोपियों को तलाशने के लिए प्रयास शुरू किए। मामले में मुखबीरों और साइबर सेल की मदद से सीडीआर द्वारा सबसे पहले आरोपी साकीर पिता सई को हाईवे के गांव भोजाखेड़ी से पकड़ा। इससे सघन और गंभीरता से पूछताछ की गई। इसके बाद उसने अन्य आरोपियों के नामों का खुलासा किया। आरोपियों के नामों का पता चलने पर टीम ने सभी आरोपियों को एक-एक दबोचा। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक कट्टा मय 2 राउंड, टेबलेट और 60 हजार रुपए सहित दो बाइक जब्त की गई। 


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