बुधवार, 4 मार्च 2020

एसटीएफ पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले गिरोह को पकड़ा साढ़े तीन लाख के नकली नोट बरामद


उज्जैन। एसटीएफ ने नकली नोट चलाने वाले गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हाथ लगी है।  गिरोह से पूछताछ जारी है। यह शातिर गिरोह हूबहू असली नोट जैसे नकली नोट छाप देता था। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक एस टीएफ गीतेश कुमार गर्ग ने बताया कि हमें सूचना प्राप्त हुई थी कि नानाखेड़ा बस स्टैंड पर कोई व्यक्ति नकली नोट बाजार में चलाने का प्रयास कर रहा है। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए रवि पिता मोहन लाल मालवीय निवासी काटकुट बड़वाह के कब्जे से पांच-पांच सौ के सौ नकली नोट बरामद हुए है। पूछताछ करने पर रवि ने बताया कि यह नकली नोट उसे सेंधवा निवासी शाकिर पिता जाबिर अली और आदिल पिता मोहम्मद शफी ने दिए हैं, जिसे वह कमीशन पर बाजार में चला देता है। इस सूचना पर एक टीम सेंधवा भेजी गई और दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया । शाकिर और आदिल से भी तीन लाख के नकली नोट बरामद हुए जो सभी पांच सौ के हैं। श्री गर्ग ने बताया कि रवि वृत्ताकार सेवा सहकारी समिति काटकुट में सहायक लिपिक के रूप में कार्यरत हैं तथा यह  इंदौर के सर्राफा बाजार सहित उज्जैन के कई बाजारों में नकली नोट खपा चुका है। वही शाकिर अली सेंधवा में ठेकेदारी का काम करता है,जो मजदूरों एवं अन्य व्यावसायिक लेनदेन में भी नकली नोटों का भुगतान कर देता था । अन्य आरोपी आदिल ट्रकों की पेंटिंग का काम करते हुए नकली नोट खपा देता था। शाकिर पर एक अन्य प्रकरण भी दर्ज है।श्री गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि नकली नोट स्केनर के मदद से ना छाप कर प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए हैं। वही हूबहू असली जैसे नकली नोट से लोग झांसे में आ जाते थे। पहली नजर में इन नकली नोटों को पहचान पाना बहुत मुश्किल है। एसटीएफ एसपी ने बताया कि इस गैंग के अन्य संपर्कों का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। पता चला है कि इन बदमाशों ने जुए सट्टे में भी नकली नोटों का उपयोग किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक दीपिका शिंदे, उप निरीक्षक जे एस परमार, एएसआई देवेंद्र सिंह कुशवाह,आरक्षक सुनील झा, संजय शुक्ला, धर्मेंद्र बडोलिया,राजपाल सिंह राठौर,पुष्पेंद्र यादव,राजेंद्र परिहार मनीष राठौर, पूनम चंद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।