गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

बुरहानपुर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की खामोशी पर पर उठ रहे हैं सवाल*

                               


बुरहानपुर (मेहलक़ा अंसारी) वर्तमान परिस्थितियों में हमारे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की खामोशी पर सवाल उठ रहे हैं । मुंबई उर्दू न्यूज़, मुंबई के कालम नवीस एवं स्वतंत्र उर्दू  पत्रकार मुमताज मीर ने  बुरहानपुर के विधायक की खामोशी पर सवाल उठाते हुए कहा है, कि वह बीजेपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ ग्रहण में कोरोना की ऐसी तैसी करके अब्दुल्लाह दीवाने बने हुए थे। मगर लाक डाउन के दौरान यह पता नहीं चल सका कि वह कहां छुपे हुए हैं?  बुरहानपुर के जिम्मेदार निर्वाचित जनप्रतिनिधि की हैसियत से बुरहानपुर के वर्तमान हालात में उन्हें जनता के दरमियान होना चाहिए था । पावर लूम बुनकरों मजदूरों की चिंता करनी चाहिए थी, जिनके बलबूते पर उन्हें आज यह सम्मानजनक संवैधानिक पद प्राप्त हुआ है । लाक डाउन में बुनकर भुखमरी के शिकार हो रहे हैं, लेकिन ऐसा महसूस हो रहा है के वह अपने घर में क्वॉरेंटाइन हो गए हैं । उनकी अपेक्षा पूर्व विधायिका पूर्व कैबिनेट मंत्री एक महिला होने के बावजूद भी उन्होंने बुरहानपुर वासियों को अकेला नहीं छोड़ा है उनकी समस्याओं को लेकर आए दिन वह कलेक्टर एवं शासन का ध्यान आकर्षित करती रहती है । यह अलग बात है उन्होंने अब तक महोदया ने पावर लूम बुनकरों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर महोदय एवं मध्यप्रदेश शासन का ध्यान आकर्षित नहीं किया है । जबकि किसान सहित अन्य की समस्याओं पर वे निरंतर संघर्ष कर अपनी बात शासन पहुंचा कर एक जागरूक प्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है और इस धूप में भी बुरहानपुर वासियों की खातिर दौड़-धूप कर रही है। जब कि संवैधानिक पद पर विराजमान बुरहानपुर के विधायक के रवैए से ऐसा लगता है कि इलेक्शन का मौसम अब कभी लौटकर नहीं आएगा । वही हमारे सांसद महोदय भी बुनकरों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान के समक्ष प्रस्तुत करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं । पावर लूम बंद होने से बुनकरों के समक्ष रोजी रोटी की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है ऐसी स्थिति में माननीय सांसद बुनकरों के पक्ष में आवाज बंद करके उन्हें मध्यप्रदेश शासन से आर्थिक सहायता दिलवाने में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं।   आशा की जानी चाहिए की सांसद एवं विधायक इस ओर ध्यान देकर बुनकरों को राहत प्रदान करेंगे।


ज्यादती के आरोपी को दस वर्ष का सश्रम कारावास

 राजगढ जिले में पदस्थ माननीय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अंजली पारे राजगढ ने विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 85/19 धारा 363,366,376(1)(2) एवं ...