रविवार, 19 अप्रैल 2020

नांदरा सोसायटी से भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर्मचारी चला रहा है नीमगांव सोसाइटी - सुहागमल आप जो चाहे वह करो  मुझे उसकी परवाह नहीं - प्रबंधक


हरदा । समीपस्थ ग्राम नांदरा मे  सोसाइटी  किसानों ने जिस मस्तान सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे जिसको नांदरा सोसाइटी के द्वारा प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए  बर्खास्त किया गया ।
जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार का प्रकरण हरदा में लंबित है।
वर्तमान में नीमगांव सोसाइटी के सामरदा केंद्र पर खरीदी करने का  जिम्मेदारी उसी मस्तान सिंह को दी गई है ।किसान सुहागमल पंवार ने बताया कि इस संबंध में जिला कलेक्टर हरदा से संपर्क करने का प्रयास किया, किंतु संपर्क नहीं हो पाया ।ततपशचात हरदा  अनुविभागीय अधिकारी से फोन पर उन्होंने इसकी शिकायत की है ।अनुविभागीय अधिकारी हरदा  ने बताया कि ए आर अखिलेश चौहान ने उन्हें जानकारी दी है कि मस्तान सिंह  की नियुक्ति नीमगांव सोसाइटी में शासन स्तर पर नहीं की गई है इसको केवल सोसाइटी ने अपने काम के लिए रखा है । जानकारी देने पर नीमगांव समिति प्रबंधक जयप्रकाश पाटिल से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने गोल मोल जवाब देते हुए बताया कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है कि मस्तान सिंह किस हैसियत से नीमगांव सोसाइटी में काम कर रहा हैं । 
नीमगांव सोसाइटी के संचालक मंडल  की 2013 के बाद से एक भी मीटिंग नहीं हुई और वर्तमान में नीमगांव सोसाइटी का संचालक मंडल भंग है ।
ऐसी स्थिति में नीमगांव सोसाइटी में मस्तान सिंह का काम करना जांच का विषय है।
एवं मनमाने ढंग से  नीमगांव सोसाइटी का संचालन कौन कर रहा है। यह भी जांच का विषय है सुहाग मल विशनोई ने बताया कि  समिति प्रबंधक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को नहीं हटाया तो शीघ्र ही  इस पूरे मामले की जांच को लेकर एक एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी  एवं इस पूरे प्रकरण की शिकायत सहकारिता आयुक्त भोपाल और सीएम हेल्पलाइन पर भी की जाएगी। इसकी जानकारी किसान के द्वारा समिति प्रबंधक को दी गई है जिस पर समिति प्रबंधक ने आवेश में आते हुए कहा है कि आप जो चाहे वह करो  मुझे उसकी परवाह नहीं ।
मस्तान सिंह पर पिछले वर्ष भी किसानों ने मैसेज छोडने और फसल तुलाई के बदले अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप लगाया था । पूर्व में नीमगांव सोसाइटी में करोडो रूपये की धांधली हुई थी। जिसको लेकर किसानों के द्वारा एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।और वर्तमान में भ्रष्टाचार करने वाले आरोपियों के खिलाफ कई प्रकरण कोर्ट में चल रहे हैं ।ऐसी स्थिति में नीमगांव सोसाइटी में दूसरे सोसाइटी से भ्रष्टाचार में निलंबित कर्मचारी के द्वारा कार्य करना सही नहीं है रवि सीजन में नीमगांव में खाद वितरण में भी किसानों ने  मस्तान सिंह पर किसानों के द्वारा एडवांस में पैसे लेने का आरोप लगाया गया था नीमगांव सोसाइटी की चार ट्रक खाद कहां गई इसका आज तक कोई अता पता नही है। नीमगांव के किसानों के नाम से खाद चडाकर सोसायटी के बाहर के किसानों को ब्लैक में खाद बांटी गई। जिसका आरोप भी मस्तान सिंह पर लगा।
जिन किसानों से मस्तान सिंह ने यूरिया खाद देने के लिए एडवांस पैसा लिया उन किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खाद वितरण के समय कुछ दिनो के लिए मस्तान सिंह संस्था का रजिस्टर लेकर गायब रहा।किसान सुहाग मल विश्नोई ने कहा कि इस सबके बावजूद अगर ऐसा कर्मचारी लगातार सोसाइटी में काम कर रहा है तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इस बार भी गेहूं खरीदी में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने की प्रबल सम्भावना है। 
हरदा से मुईन अख्तर खान


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