सोमवार, 18 मई 2020

अपने ही देश मे, मजदूर अब हो गए पराये!* *पहले रोजी- रोटी छीनी, अब लाठी- डंडे भी वो खाये!!*

 


हरदा बंगलोर की आईटी कंपनियों में काम करने वाले ज़्यादातर लोग दूसरे राज्यों से हैं पर उन्हें कोई प्रवासी आईटी एम्प्लाई नहीं कहता। मुम्बई से संचालित हिन्दी सिनेमा में काम करने वाले ज़्यादातर कलाकार अलग-अलग राज्यों से हैं पर कोई उन्हें प्रवासी गायक, प्रवासी ऐक्टर, प्रवासी गीतकार इत्यादि नहीं कहता।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य व चेयरमैन म.प्र.आदिवासी कांग्रेस अजय शाह मकड़ाई ने मजदूरों के साथ प्रवासी शब्द लगाये जाने पर कड़ा एतराज जताया है । उन्होंने बताया कि यहाँ तक कि मजदूरों को प्रवासी का तमगा देने वाले दिल्ली के पत्रकार भी ज़्यादातर दूसरे राज्यों से हैं पर वो ख़ुद को प्रवासी पत्रकार नहीं कहते। *फिर मजदूरों में ही ऐसी क्या विशेषता है कि उन्हें प्रवासी कह कर पुकारा जाता है ???* राज्य तो सिर्फ़ प्रशासनिक सुविधा के लिए ही बाँटे गए हैं, पर देश तो एक ही है। अजय शाह ने सवाल करते हुए कहा कि अपने ही देश के अलग-अलग राज्यों में मजदूरी करने वाले लोगों के लिए प्रवासी शब्द का प्रयोग करना कहाँ तक उचित है ???? हरदा से मुईन अख्तर खान


कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में आरोपी को दो वर्ष की सजा और अर्थदण्ड

 छतरपुर- कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया। बिजावर अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को दो साल की कठोर कैद क...