शुक्रवार, 8 मई 2020

औरंगाबाद मे मालगाड़ी से हुआ    बड़ा रेल हादसा...... 16 प्रवासी मज़दूरों की मौत....


मुम्बई ।  महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी की चपेट में आने से 16 प्रवासी मज़दूरों की मौत हो गई है। दक्षिण मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने इस हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ये हादसा शुक्रवार सुबह 5:30 बजे के क़रीब हुआ। लॉकडाउन के चलते अपने घर के लिए पैदल निकले 15 प्रवासी मज़दूरों की औरंगाबाद में मालगाड़ी से कुचले जाने से मौत हो गयी है! सभी मज़दूर जालना की एक स्टील प्लांट में काम करते थे। ये बेबस लॉकडाउन की वजह से ट्रेन की पटरियों से होते हुए अपने घर जा रहे थे। लगभग 40 किलोमीटर पैदल दूरी तय करने के बाद जब ये मजदूर थक गए तो सभी रेल की पटरी पर सो गए। मजदूरों को भी कहां पता था कि उनकी जिंदगी का सफर रेल की पटरियों पर ही खत्म हो जाएगा!
हादसे के बाद पटरी पर जो मंजर था वो बेहद डराने वाला था। हर तरफ आधी-कटी हुईं लाशें और मजदूरों का बिखरा हुआ सामान पड़ा था। इसके अलावा पटरियों पर रोटियां बिखरी थी जो शायद मजदूर अपने साथ रास्ते का भोजन लाए होंगे।पटरी पर बिखरी हुई हैं रोटियां…घर लौटने की आस में टूट गईं गरीबों की सांसें
बता दें कि भूख-प्यास और बिना पैसे के ऐसे असंख्य गरीब और मजबूर लोग हैं जो अपने घर लौट रहे हैं, उनमें से यह भी एक थे। करीब 21 लोग जा रहे थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद सरकार के ऊपर कई सवाल उठाये जा रहे हैं। यह लोग पैदल चलते-चलते थककर चूर होने के बाद ट्रेन के ट्रैक पर सो गए। ये मजदूर करीब 40 किलोमीटर पैदल चलकर घर जाने के लिए निकले थे। यह लोग यह समझकर कि ट्रेन तो चल नहीं रही हैं, ट्रैक पर ही सो गए या खाना खाने लगे। इस दौरान ट्रेन ने उन्हें कुचल दिया जिसमें 16 की मृत्यु हो गयी। यह हादसा औरंगाबाद के जालना रेलवे लाइन के पास हुआ। सभी प्रवासी मजदूर थे और अपने घर मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़ पैदल जा रहे थे। स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। मध्यप्रदेश सरकार सहित महाराष्ट्र सरकार ने मृतक परिवारों को पांच पांच लाख रूपये की सहायता का एलान कर राहत पहुचाई है । परन्तु सवाल यह है कि आखिर सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए घर वापसी के लिए गंभीर क्यों नहीं है । अफसोसजनक घटना कोरोना की आड़ में सरकार अपना कर्तव्य ही भूल गई है । 
मुईन अख्तर खान की रिपोर्ट