गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

कोरोना योद्धा बनकर रात दिन ड्यूटी कर रहे,एमपी खंडवा के कोतवाल.... अपने नवजात जुड़वा पुत्रों को दूर से देख,आशीर्वाद दे खुशी-खुशी वापस हो लिए जनता की सेवा में....


खंडवा की जनता ने लव कुश के रूप में किया नामकरण...


एमपी/खंडवा अनूप कुमार खुराना


एक व्यक्ति के जीवन में संतान प्राप्त होना सबसे बड़े सुख के तौर पर जाना जाता है। यह सुख उस समय ओर बड़ा हो जाता है, जब जुड़वा संतान की उत्पत्ति हो । ऐसा ही जुड़वा पुत्र रत्न प्राप्ति का सुख दादाजी की नगरी खंडवा में कोरोना योद्धा बनकर रात दिन खंडवा की सेवा कर रहे कोतवाल बनवारी मंडलोई को प्राप्त हुआ है। कोतवाली थाना जो किसी भी जिले का सबसे प्रमुख व व्यस्ततम थाना होता है कि कोतवाल श्री मंडलोई कोतवाली के रूटीन कार्यों के अलावा कोरोना योद्धा बनकर रात दिन खंडवा जिले की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में उनके जीवन में इस तनाव भरे दौर में एक बेहद अच्छी खबर उन्हें मिली,जब उन्हें पता लगा कि उन्हें जुड़वा पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। स्वाभाविक है कि एक पिता के तौर पर उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा,लेकिन कोरोना योद्धा होने के चलते रात दिन फील्ड में रह कर अपने कर्तव्य का पालन करने के चलते, अपने बच्चों को छू भी ना सके उनके सर पर हाथ भी ना फिर पर सके और उनका आलिंगन ना कर सके। उनका कर्तव्य उन्हें अपने दोनों नवजात बेटों को दूर से देखने पर मजबूर कर गया। लेकिन अपने कर्तव्य के प्रति जज्बा ऐसा कि दूर से देख,उन्हें आशीर्वाद दे,मन ही मन मुस्कुराकर उनके लिए प्रार्थना कर भगवान का शुक्रिया अदा कर चेहरे पर मुस्कान लेकर लेकर दोबारा अपने कर्तव्य की तरफ लौट आए।उनके इस जज्बे की हर कोई तारीफ करते नहीं थक रहा। श्री मंडलोई को संवेदनशील पुलिस अधिकारियों के तौर पर जाना जाता है। खंडवा में उन्हें अच्छे पुलिस अधिकारियों के तौर पर जाना जाता है खंडवा की जनता के बीच दादाजी भक्तों का मानना है कि खंडवा की जनता की जिसने भी दिल से सेवा की दादाजी महाराज उन्हें भी दिल खोलकर खुशियां देते हैं और ऐसी ही खुशियां दादा जी महाराज ने कोतवाल साहब को दी हैं ।


इस समय देश में कोरोना योद्धा के तौर पर फ्रंट लाइन में काम कर रहे ऐसे लाखों पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की हजारों कहानियां हैं। जो युगों युगों तक याद रखी जाएंगी। ऐसी सभी कोरोना योद्धाओं पर देश को गर्व है।