शुक्रवार, 19 जून 2020

बुरहानपुर जिले के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग उपसंचालक श्री एम.एस.देवके ने किसानों के लिए सम सामयिक सलाह दी है। सोयाबीन हेतु उपयोगी सलाह


किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग उपसंचालक श्री एम.एस.देवके ने किसानों के लिए सम सामयिक सलाह दी है। सोयाबीन हेतु उपयोगी सलाह- 1. बुआई के समय सन्तुलित पोषक तत्वों का उपयोग न करने पर फसल कमजोर एवं पीली हो जाती है। जिससे कीट एवं बिमारियों का प्रकोप अधिक होता है। ऐसी स्थिति में सन्तुलित पोषक के लिये एन.पी.के. 19रू19रू19 का 2 प्रतिशत घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। 2. खरपतवार नियंत्रण हेतु डोरा, कुल्फा, हाथ से निंदाई अथवा खरपतवार नाशक का प्रयोग करें। 3. पीला मौजाईक बिमारी को फैलाने वाली सफेद मक्खी के प्रबंधन के लिए खेत में येलो स्टीकी ट्रेप का प्रयोग करें, जिससे मक्खी के वयस्क नर नष्ट किये जा सकें साथ ही पीला मौजाईक रोग के रोकथाम हेतु थायोमिथाक्सम 25 डब्ल्यू.जी. (100 ग्राम प्रति 500 लीटर पानी) घोल बनाकर छिड़काव करें। 4. सोयाबीन फसल पर सेमीलुपर, तम्बाकू की ईल्ली एवं चने की ईल्ली का प्रकोप होने पर निम्न अनुसंशित कीटनाशक का छिडकाव करें, जैसे क्यूनालफॉस 25 ई.सी. (1500 एम.एल. प्रति हेक्टर) अथवा इन्डोक्साकार्प 14.5 एस.सी. (300 एम.एल. प्रति हेक्टर) अथवा फ्लुबेन्डीयामाईड 39.35 एस.सी. (150 एम.एल. प्रति हेक्टर) मक्का फसल में फॉल आर्मी वर्म की रोकथाम- 1. फॉल आर्मी वर्म की ईल्ली का जीवन चक्र 12 से 20 दिन का होता है, इसके नियंत्रण के लिए सिंथेटिक कीटनाशकों में थायोडीकार्प 75 डब्ल्यू.जी. 01 किलो ग्राम प्रति हेक्टर छिड़काव करें। 2. थायोमिथाक्सम 12.6 प्रतिशत एवं लेमडा सायहेलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत की मात्रा 0.25 एम.एल. या इमाबैक्टीन बेंजोएक्ट 5 एस.सी., स्पीनोसेड 45 एस.सी. का 3 एम.एल. प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर किसी एक कीटनाशक का छिड़काव करें। 3. मक्का फसल में जहरीला चुग्गा का प्रयोग करें इसके लिए 10 कि.ग्रा. गेंहू के भूसे में 2 किलो ग्राम गुड तथा 2-3 लीटर पानी में 100 ग्राम थायोडिकार्प मिलाकर पौधों की पोगली में डाले। कपास फसल मुरझाने पर यूरिया घोल बनाकर जड़ों में डाले। 1. वर्तमान में तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सीयस के आसपास है तथा तेज धूप खिलने से कपास की फसल खडे़ अवस्था में अचानक मुरझाने लगती है, मुरझाने के पश्चात फसल सुखने लगती है। ऐसी अवस्था में 100 लीटर पानी में 02 कि.ग्रा. यूरिया तथा 200 ग्राम कार्बनन्डिजम एवं मेकोजेब का पानी मंे घोल बनाकर पौधों की जड़ के पास पंप की नोजल खोलकर या ग्लास से लगभग आधा लीटर घोल डाले।


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