शुक्रवार, 12 जून 2020

कायथा वाला जैन परिवार की कंचन सेवा जारी 27 जरूरतमंद परिवारों को फिर लिया एक माह के लिए गोद


देवास(शाकिर अली दीप)यह परिवार सहयोग और सद्भावनाओं का परिवार है... सरल;सम्मानित, फूलों सा सुंदर और सुगंधित इनका व्यवहार है... नमोकार की दिव्य शक्ति और भगवान महावीर के आदर्श ही खुशियों का आधार है... इस परिवार के बच्चों में भी सेवा का संस्कार है । कोरोना महाआपदा के इस दौर में सुशीला बागमल जैन परिवार (कायथा वाला) ने मानव सेवा को ही सच्ची प्रभु सेवा मानते हुए वैशाख सुदी 11 को 51 जरूरतमंद निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को एक माह के लिए गोद लेने का अभूतपूर्व संकल्प लिया था। प्रभु कृपा से इस जिम्मेदारी को जैन परिवार ने पूरे समर्पण और निष्ठाभाव से पूर्ण किया। श्रेष्ठ समाजसेवी मनीष जैन (कायथा वाला) ने बताया कि एक माह पूर्ण होने पर परिवारजनों द्वारा सिद्धचक्र महापूजन (वासक्षेप) का आयोजन किया गया जिसमें भगवान का आभार माना और कोरोना रूपी महाआपदा से मुक्ति सहित मानवमात्र की रक्षा के लिए प्रार्थना की गई । इस महापूजन में जैन परिवार ने गोद लिए 51 परिवारों में से 27 परिवारों को एक बार फिर से गोद लेने का संकल्प लिया है। यह ऐसे परिवार हैं जिन्हें नोकरी से निकाल दिया गया और जिनके काम धंधे अभी शुरु नहीं हो पाए हैं। इन परिवारों को पुन: एक माह का राशन, दूध और आवश्यक दवाइयाँ देने का पुनीत कार्य जैन परिवार ने किया है। पत्रकार दिनेश साँखला के अनुसार समाजसेवी मनीष जैन (कायथा वाला) और उनका परिवार एक सच्चे सेवक की तरह लॉकडाउन के पहले दिन से लेकर आज तक लगातार नि:स्वार्थ भाव से मानव सेवा में जुटे हुए हैं जो वास्तविक सेवा है । जैन परिवार द्वारा मध्यमवर्गीय परिवारों को आटा, दाल, चावल, शक्कर, तेल, चाय, नमक, लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, साबुन, बिस्कुट आदि 12 किलो की 500 किट जैन समाज के माध्यम से और 400 किट राशन सामग्री स्वयं इस प्रकार लगभग 900 किट राशन सामग्री वितरित की जा चुकी है । यह सेवा कार्य लॉकडाउन से आज तक निरंतर जारी है। सेवा तो अनेक संगठन और समाजसेवी करते हैं लेकिन जैन परिवार की यह नि:स्वार्थ सेवा समाज के लिए एक प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण है।