मंगलवार, 2 जून 2020

निसर्ग तूफान की वजह से मध्‍य प्रदेश में भारी बारिश के आसार, प्रदेश के इन्दौर और उज्जैन संभाग में भारी बारिश की संभावना


भोपाल। मध्यप्रदेश में सोमवार को देर रात कई जगह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मंगलवार को भी सुबह से ही राजधानी भोपाल समेत राज्य के सभी इलाकों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने राज्य में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिस की चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि अरब सागर में उठने वाले समुद्री तूफान का मध्यप्रदेश में भी असर दिखाई देगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में दिखेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3, 4 और 5 जून को भारी बारिश हो सकती हैं । भोपाल मौसम केन्द्र द्वारा चेतावनी दी गई है कि भोपाल में नौतपा के आखिरी दिनों में लोगों को बढ़ते तापमान से राहत मिली। सोमवार की रात यहां जोरदार बारिश हुई और मंगलवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। आगामी दिनों में प्रदेश भर में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। दरअसल, अरब सागर में उठने वाले समुद्री तूफान का का असर प्रदेशभर में दिखाई देगा। मंगलवार से भोपाल के साथ पश्चिमी मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना है। भोपाल में सुबह से भी तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बूंदाबांदी होगी। इंदौर उज्जैन की संभागों में भारी बारिश के आसार तूफान का प्रभाव मध्य प्रदेश में अभी से दिखाई देने लगा है।



इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में होगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3, 4 और 5 जून को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज चमक के साथ कहीं कहीं बिजली गिरने की भी संभावना है। अरब सागर में बन रहे चक्रवात का दिखेगा असर उन्होंने बताया कि भोपाल सहित मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले सिस्टम सक्रिय है। पहला अरब सागर में एक आबदाब बना हुआ है, जो पंजिम से 340 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। इसके आगे और गहरा होकर गहरे अवध में बदलने की संभावना है। यह आगे 24 घंटों में साइक्लोन या चक्रवात में बदलने की संभावना है। मंगलवार सुबह से उत्तरी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उसके बाद रिवर्ट होकर उत्तर तथा उत्तर-पूर्व दिशा से उत्तरी महाराष्ट्र एवं दक्षिण गुजरात को हरिहरेश्वर और दमन के बीच 3 जून को शाम या रात को पार करने की संभावना है।  वहीं, दूसरा एक द्रोणिका उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उड़ीसा के अंदरूनी हिस्से तक हवा के ऊपरी भाग में 900 मीटर की ऊंचाई पर बनी हुई है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। दक्षिण पश्चिम में मानसून 1 जून को अपने निर्धारित समय पर केरल में ऑनसेट हो गया है। मानसून की उत्तरी सीमा दक्षिणी अरब सागर और लक्ष्यदीप क्षेत्र मालदीव के शेष हिस्से केरल के अधिकांश हिस्से तमिलनाडु पांडिचेरी एवं कराईकाल के कुछ हिस्से पर पहुंच गया है।


 


 


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