गुरुवार, 1 अक्तूबर 2020

अवैध मादक द्रव्य के सह कब्जाधारी के अभियोग पर सह अभियुक्त की जमानत याचिका हुई निरस्त । मध्य प्रदेश राज्य की ओर से अभियोजन अधिकारी गणेश पाण्डेय हुए उपस्थित ।

थाना मैहर के अपराध क्रमांक 723/2020 धारा 34(2) आबकारी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त का नाम नंदलाल साकेत पिता शिवनाथ साकेत उम्र 32 वर्ष ग्राम बोदा बाग रीवा, जिला रीवा (म.प्र.) का नियमित जमानत आवेदन आज दिनाँक 01/10/2020 को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार लढ़िया द्वारा उभय पक्षो की सुनवाई उपरान्त निरस्त किया गया मध्य प्रदेश राज्य की ओर से अभियोजन अधिकारी गणेश पाण्डेय के द्वारा अभियुक्त के जमानत आवेदन का समग्र आधारों पर विरोध किया गया सहायक मीडिया प्रभारी आदित्य पाण्डेय ने बताया कि घटना दिनांक 12.08.2020 को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक बिना नम्बर की आटो में तीन व्यक्ति अवैध शराब परिवहन कर विक्री हेतु रीवा रोड से श्याम फैमली ढाबा होते हुये मैहर तरफ आने वाली है तभी रीवा रोड श्याम फेमली ढाबा के आगे मुखबिर के बताये अनुसार बिना नम्बर की आटो आता दिखा जिसे टार्च व सर्चलाइट का प्रयोग कर रोककर घेराबंदी करने का प्रयास किया किन्तु आटो में बैठा एक व्यक्ति आटो से उतरकर खेतों तरफ अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया मौके पर आटो में बैठे दोनों अभियुक्तगण रजनीश कुशवाहा और नन्दलाल साकेत से पूछताछ पर भागने वाले व्यक्ति का नाम गोलू चिकवा निवासी रीवा बताया गया आटो के तलाशी में पीछे भाग में 6 पेटी देशी सफेद प्लेन शराब (प्रत्येक पेटी में 50 पाव ,प्रत्येक पाव सीलबंद) कुल 300 पाव ( प्रत्येक पाव 180 एमएल) शराब की कुल कीमत 21000 रुपये पायी गयी । अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुये अभियुक्त रजनीश कुशवाहा द्वारा धारा 34(2) आबकारी एक्ट में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के अंतर्गत प्रस्तुत ज़मानत आवेदन को सम्बंधित न्यायालय द्वारा निरस्त किया गया । उक्त मामले में एक अन्य अभियुक्त रजनीश कुशवाहा पिता रामधनी कुशवाहा उम् 22 वर्ष निवासी ग्राम बैरी नई वस्ती चोरहटा थाना चोरहटा जिला रीवा कि ज़मानत आवेदन पूर्व में ही संबंधित न्यायालय द्वारा निरस्त की जा चुकी हैं।


कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में आरोपी को दो वर्ष की सजा और अर्थदण्ड

 छतरपुर- कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया। बिजावर अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को दो साल की कठोर कैद क...