रविवार, 8 नवंबर 2020

बुरहानपुर जिले का शासकीय अस्पताल हुआ कुप्रबंधन का शिकार, आरएमओ का नहीं है नियंत्रण, कर्मचारियों द्वारा हो रही है मनमानी आर्थिक अनियमितताएं चरम पर


बुरहानपुर- मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ साथ अन्य सुविधाएं देने के लिए जिला अस्पताल में शासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं परंतु स्थानीय चिकित्सकों एवं व्यवस्थापकों द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए अपने ऐशो -आराम पर शासन द्वारा प्रदत आर्थिक सहायता ओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए चिकित्सीय सुविधाओं के साथ-साथ अन्य सुविधाओं के लिए मरीजों को जिला अस्पताल परिसर में यहां-वहां भटकना पड़ता है। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं  इस कदर हावी है कि मरीजों के परिजन भी कई बार परेशान होकर अंत में भर्ती मरीज को डिस्चार्ज कर अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कर रहे हैं। 


जिला अस्पताल की छत बनी न नशेडियों का अड्डा


जिला अस्पताल की प्रथम तल पर डायलिसिस यूनिट के सामने खुलने वाले छत द्वार के उस पार शराब की  देशी और विदेशी शराब की बोतलें यह बयां कर रही है कि यहां पर रात्रि में शराबियों की महफिल जमती है। खाने की खाली थालियों के साथ ही बीड़ी सिगरेट के अधजले टुकड़े, गुटकों के खाली पाऊच आदि भी पडे हुए देखने को मिल रहे हैं। इसी प्रवेश द्वार के  समीप महिला शौचालय भी है। यहां शराब के नशे में  यदि किसी दिन किसी महिला मरीजों  के साथ कोई हादसा होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?


प्रथम तल के 234 नम्बर के कमरे में पडे है कंडोम के खाली पैकेट 



जिला अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित कमरा नं 234 में कंडोम के खाली पैकेट और एक बिस्तर लगा हुआ है प्रतित होता है कि यहाँ पर  कर्मचारियों द्वारा राते रंगीन की जा रही है। खाली कंडोम, खाली शराब की बोतलें देखकर तो लगता है कि जिला अस्पताल में शराब ,शबाब का दौर कर्मचारियों द्वारा यहाँ के व्यवस्थापकों के सहयोग से लगातार जिला जारी है।  इसके लिए सम्बन्धित जिम्मेदार अधिकारी से बात की गई तो उनके द्वारा कर्मचारियों पर दोषारोपण किया जा रहा है। 

 

आरएमओ द्वारा मनमानियों का होगा खुलासा, लाखों रुपयों के आर्थिक अनियमितताएं आयेगी सामने 

जिला अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी आरएमओ पर होती है लेकिन सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि यहां पदस्थ आरएमओ द्वारा लगातार अपनी मनमानी के कारण जिला अस्पताल को अव्यवस्थाओं का हिस्सा बना दिया।  नियमानुसार उन्हें जिला अस्पताल परिसर की व्यवस्थाएं और प्रबंधन देखने की जिम्मेदारी है लेकिन वह लगातार महीने में कई दिनों बाहर रहते हैं जिससे अन्य कर्मचारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। और यहां मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। सूत्रों द्वारा जानकारी मिली है कि आरएमओ द्वारा कोरोना काल में शासन से प्राप्त मद में बहुत ज्यादा आर्थिक अनियमितताएं भी की गई है,आरएमओ द्वारा लाखों रुपए की हेराफेरी करके शासन के साथ धोखाधड़ी की है। आरएमओ द्वारा जिला अस्पताल में विशेष लोगों पर कृपा दृष्टि भी बनी हुई है। जिसका बड़ा खुलासा शिघ्र ही "पब्लिक लुक न्यूज"  द्वारा किया जायेगा एवं इसकी शिकायत शासन स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को की जाएगी।


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