बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

घर में घुसकर मारपीट करने वाले 12 आरोपीगणों को न्यायालय ने दी 01 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा



न्यायालय श्रीमान प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपीगण 01.सत्तू उर्फ सत्यनारायण पिता राधाकिशन, 02. धर्मेन्द्र पिता सत्यनारायण, 03. संजय उर्फ गणपत पिता तोलाराम, 04. शुभम उर्फ कालू पिता प्र्रेमनारायण, 05. कुलदीप पिता सत्यनारायण, 06. जितेन्द्र पिता रामकरण, 07. दुर्गेश पिता सुन्दरलाल, 08. नवल पिता राधाकिशन, 09. सुन्दरलाल पिता हरिशचन्द्र, 10. प्रहलाद पिता राधाकिशन, 11. योगेश पिता प्रहलाद, 12. दीलीप पिता रामकरण  समस्त निवासीगण ग्राम-मुंजाखेडी, जिला उज्जैन को धारा 325/149 भादवि में 01-01 वर्ष एवं धारा 452 भादवि में 06-06 माह का सश्रम कारावास एवं कुल 12,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। 


 

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन की घटना अनुसार बताया कि घटना इस प्रकार है कि, फरियादी परमानन्द ने अपने लडके जितेन्द्र व अजय के साथ थाना नरवर पर उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि, मैं घटना दिनांक 12.08.2015 पर घर पर था मेरा लडका अजय खेत पर गया था खेत पर बारिश का पानी भरा हुआ था, आरोपी धर्मेन्द्र, कुलदीप, सत्तू मेरे खेत पर नाली खोद रहे थे, तो मैंने आरोपी नवल से बोला कि मेरे खेत में नाली क्यों खोद रहे हो, इसके बाद में अपने घर पर आ गया, पीछे से आरोपीगण नवल, धर्मेन्द्र व सत्तू और कुलदीप मेरे घर में घूस आये और मेरे लडके जितेन्द्र से थप्पडों एवं मुक्कों से मारपीट करने लगे, इतने में पीछे से आरोपीगण सुन्दरलाल, शुभम और जितेन्द्र भी आ गये, आरोपी सुन्दरलाल के हाथ में फावडा व जितेन्द्र के हाथ में लठ्ठ था, और वह लोग मुझे मारने लगे, इतने में आरोपी योगेश, संजय और दीलीप भी मुझे मारने लगा। आरोपी दुर्गेश एवं प्रहलाद ने हम लोगो को माॅ-बहन की गंदी-गंदी गालिया देने लगे व जान से खत्म करने की धमकी देने लगे। मुझे पीठ व पसलियों में व मेरे लडके जितेन्द्र को पेट व पीठ में बाॅये हाथ की कोहिनी में चोटें आई। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्काें से सहमत होकर आरोपीगण को दण्डित किया गया।   

 

अभियोजन की ओर से पैरवी श्री कुलदीप सिंह भदौरिया, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला उज्जैन द्वारा किया गया था।