मंगलवार, 28 जनवरी 2020

एनआरसी के भय से छूटा जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र वितरण काउंटर को पसीना, लोगों की काउंटर पर बढ़ी भारी भीड़

बुरहानपुर- देश में  एनआरसी और एनपीआर पर छिड़े घमासान के बीच आम लोगों को एक अलग तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार भले ही लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रही हो कि एनआरसी और एनपीआर का आपस में कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि बुजुर्ग लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहे हैं।


एनआरसी के भय से बुरहानपुर में जन्म प्रमाणपत्र बनाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन दस से बीस फार्म जमा होते थे वहीं अब लगभग 50 के ऊपर फार्म जमा कर रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) बनने के बाद से यह वृद्धि हुई है। जन्म प्रमाणपत्र के लिए लोगों की बढ़ी भीड़ के चलते ठंड में भी नगर निगम के जन्म-मृत्यु पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र वितरण काउंटर को पसीना छूटने लगा है। काम का बोझ बढ़ने से कर्मचारियों की लोगों से रोजाना तकरार हो रही है। चाहे मोहन हों या सलमान, सभी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पार्षद से लेकर क्षेत्र के समाजसेवी लोगों की सिफारिश कर रहे हैं ताकि सत्यापित कर दें। वहीं विभाग की आमदनी भी बढ गई है।



जन्म मृत्यु पंजीकरण प्रमाणपत्र वितरण काउंटर पर बैठे रईस भाई ने बताया कि आम दिनों में प्रतिदिन 10 से 20 आवेदन जमा होते थे लेकिन सबसे एनआरसी कानून का मुद्दा चल रहा है तब से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है सामान्य दिनों में लगभग 40 से 50 जन्म प्रमाणपत्र प्रतिमाह बनते थे वहीं अब की संख्या प्रतिमाह  1000 के ऊपर पहुंच गई है।


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