मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

सूफी संत नूरी बाबा हाजी अब्दुल गफ्फार नूरी सफल इंजीनियर थे। 25 साल की उम्र में कुरान हिफ्ज  किया...


इंदौर ।नूरी बाबा पिछले 6 माह से बीमार चल रहे थे, उन्हे हार्ट , शुगर, की बीमारी थी मंगलवार रात 9:00 बजे सामान्य बीमारी से उनका इंतकाल हुआ है!
हाजी नूरी बाबा , बरेली मत के सूफी संत मुफ्ती ए आजम हिंद, मुस्तफा रजा खान साहब के शिष्य और खलीफा थे, 25 साल की उम्र में कुरान हिफ्ज  किया, स्वयं एक अच्छे तकनीकी इंजीनियर थे, अपने कारखाने की फ्लेक्स ट्यूब बनाने की मशीन स्वयं तैयार की थी!नूरी बाबा सन 1977 में आई के सोसाइटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं 1978 से 21 अप्रैल 2020 तक हमेशा निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होते रहे, नूरी बाबा दारुल उलूम नूरी बड़वाली चौकी, नूरी मदरसा खजराना के संस्थापक थे, मध्यप्रदेश में उनके  लाखो मुरीद है , उनके इंतकाल से धार्मिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थाओं की बड़ी क्षति हुई है, ! 
उनके परिवार और इस्लामिया क्रीमिया की मैनेजिंग कमिटी ने समस्त इंदौर वासियों, उनके  मुरीदों और मुस्लिम भाइयों से अपील की है कि, वायरस महा संक्रमण को देखते हुए भीड़ एकत्रित ना करें, प्रशासन का सहयोग करें, प्रशासन ने जनाजे में 10 व्यक्तियों को शामिल होने की इजाजत दी है उससे ज्यादा लोग एकत्रित ना हो, कुरान खानी, और दुआ ए मगफिरत करें!
हाजी अब्दुल जब्बार , सहित सोसायटी और समस्त मुल्तानी परिवार और नूरी अनुयायियों ने गहरा दुख व्यक्त कर
अहले खाना को तमाम मुरीदैन को सब्रे जमील अता फरमाए ....
*बहुत ही रंजो गम के साथ यह खबर सुनाई जा रही है के इंदौर शहर के मशहूर मारूफ* *शख्सियत खलीफा ए हुजूर मुफ्ती ए आज़मे हिंद आबरूऐ ऐहले सुन्नत*
*अलहाज हाफीज़ अब्दुल गफ्फार नूरी बाबा का इंतकाल हो गया है इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलाही राजी उन अल्लाह पाक हज़रत दराजात बुलंद फरमाऐ और हज़रत की मगफिरत फरमाए और जन्नतुल फिरदोस में आला से आला मक़ाम अता फरमाए और उनके  के तमाम अहले खाना को तमाम मुरीदैन को सब्रे जमील अता फरमाए  फरमाऐं*आमीन


🔰🔰 *शरीकेगम*🔰🔰
हरदा से मुईन अख्तर खान ।


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