गुरुवार, 21 मई 2020

*बिजली के बिलों की वसूली के संबंध में सामंजस्य स्थापित करें-पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना दीदी

 



बुरहानपुर।( मेहलका अंसारी ) मध्यप्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने बुरहानपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर बिजली के बिलों की वसूली के संबंध में सामंजस्य स्थापित एवं ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आदान केंद्र का समय परिवर्तित करने की बात कही। पत्र में श्रीमती चिटनिस ने कहा बुरहानपुर जिले के समस्त कृषि, उद्योग एवं घरेलू बिजली के बिलों की वसूली विपदा की इस स्थिति को देखते हुए समाज के साथ सामंजस्य स्थापित कर की जाना आवश्यकता है। बुरहानपुर जिले में लॉकडाउन के साथ ही कर्फ्यू भी चल रहा है, इस कारण से अन्य जिलों की अपेक्षा बुरहानपुर का जनजीवन अधिक प्रभावित हुआ है। यदि हम कृषि क्षेत्र की बात करें तो केले की नीलामी बंद होने की वजह से केले की फसल को उचित मूल्य प्राप्त नहीं हुआ है। कृषि उपज मंडी बंद होने की वजह से किसान रबि मौसम की फसल गेहूं, चना और मक्का अभी तक बेच नहीं पाया है और जो फसल बिक गई है उसका भुगतान ऑनलाइन होने की वजह से किसान के हाथ में पैसा नहीं आया है। माननीय मुख्यमंत्री षिवराजसिंह जी चौहान के प्रयासों से फसल बीमा का पैसा किसानों के खातों में आना शुरू हो चुका है। लेकिन साथ ही किसान को खरीफ के मौसम में फसल लगाने की तैयारी करना है, इसलिए किसान बिजली का बिल भरने में असमर्थ हैं। दूसरी ओर इसी तरह बुरहानपुर शहर की धड़कन कपड़ा और पावरलूम उद्योग विगत लगभग 2 माह से बंद है, इस तरह नगरीय क्षेत्र का यह मुख्य व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। इसके बावजूद भी उद्योगपति अपने ऊपर निर्भर मजदूरों को एडवांस देना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। ऐसे में हम उनसे कैसी अपेक्षा करें कि वह बिजली का बिल भर दे। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली का बिल वसूलने का काम कुछ समय के लिए स्थगित करें। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर का स्वभाव है कि जब कभी भी अनुकूलता होगी हमारे क्षेत्र का किसान और उद्योगपति स्वयं आगे आकर बिजली का बिल भरेगा। इस संबंध में समयानुकूल उचित निर्णय करें। इसी प्रकार श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कलेक्टर लिखे पत्र में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कृषि से संबंधित बीज, दवाई, रासायनिक खाद एवं अन्य दुकानों को खोलने का समय दोपहर 12 से 4 तक रखा गया है, जो सर्वथा अनुचित है। वैसे भी यह समय अधिकतम तापमान का रहता है। किसान के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक का समय सर्वाधिक उपयुक्त रहेगा। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि किसानों के हित में समय परिवर्तित किया जाए। दिनांक:- 21 मई 2020 01


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