शुक्रवार, 29 मई 2020

स्वयं को मजदूर का बेटा बता रहा था बलत्कार का आरोपी,, न्यायालय ने की जमानत याचिका खारिज

राजगढ । जिला न्यायालय में पदस्थ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट एवं तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अंजली पारे ने थाना नरसिंहगढ के अपराध क्रमांक 85/19 में नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपी नीलेश शिवहरे पिता दिनेश शिवहरे निवासी नरसिंहगढ जिला राजगढ का जमानत आवदेन निरस्त कर दिया है। घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 12.02.2019 को आरोपी नीलेश शिवहरे ने अपने 2 साथियों के साथ मिलकर नाबालिग पीड़िता का मुंह दबाकर चैपडा हनुमान मंदिर से अपहरण कर महादेव गार्डन ले गया, और वहां नीलेश ने उसके साथ बलात्कार किया था। घटना के समय गार्डन में मौजूद लोग इकट्ठे हो गये थे और खटखटा के दरवाजा खुलवाया था। वहां मौजूद लोगों में से ही किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस को उक्त घटना के संबंध में सूचना दी गयी थी जिसके बाद पीडिता को आरोपीगणों के कब्जे से मुक्त करवाया था। उक्त घटना के संबंध में थाना नरसिंहगढ में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ की गई। आरोपी नीलेश को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था जहां से माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। आरोपी ने जमानत हेतु न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें उसने स्वयं को मजदूर का बेटा होना लेख किया गया था। आरोपी कोरोना संक्रमण व लाॅकडाउन के कारण जमानत का लाभ लेना चाहता था, जिस पर अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आलोक श्रीवास्तव राजगढ द्वारा तर्क किया गया कि आरोपी न्यायालय के समक्ष मिथ्या तथ्य प्रस्तुत कर जमानत का लाभ लेना चाहता है। यदि माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को जमानत दी गया तो आरोपी फरार हो जाएगा जिसका केस पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। डीपीओ द्वारा दिये गये उक्त तर्कों से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी नीलेश की जमानत खारिज कर दी गयी है। लोक अभियोजन कार्यालय जिला राजगढ


कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में आरोपी को दो वर्ष की सजा और अर्थदण्ड

 छतरपुर- कुल्हाडी मार कर अस्थिभंग करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया। बिजावर अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को दो साल की कठोर कैद क...