रविवार, 7 जून 2020

मस्जिद सहित सभी धार्मिक स्थलों को आज से खोलने की सरकारी अनुमति नहीं मिली*

बुरहानपुर (मेहलक़ा अंसारी) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 1 जून 2020 से लागू होने वाले लाक डॉउन के साथ आगामी 8 जून से मस्जिद सहित समस्त धार्मिक स्थल अपनी-अपनी पद्धति अनुसार पूजा पाठ एवं इबादत के लिए खोलने के संकेत दिए थे और इसी आशा और विश्वास के साथ जामा मस्जिद सहित कुछ धर्म स्थलों को 2 दिन पूर्व सेनेटेराइज कर तैयारियां पूर्ण कर ली गई थी कि 8 जून से यह सभी धर्मस्थल अपनी पूर्व परंपरा एवं रीति रिवाज अनुसार पूजा एवं इबादत के लिए चालू हो जाएंगे। लेकिन जनता की आशाओं पर उस समय पानी फिर गया जब अनलॉक वन के तहत कलेक्टर बुरहानपुर द्वारा नगर निगम की सीमा क्षेत्र की मोहल्ले की 48 में से 40 दुकानें/प्रतिष्ठान खोलने के लिए आदेश क्रमांक 5605/07.06.2020 जारी किया है, इस आदेश के अगले पृष्ठ में कंडिका क्रमांक 2 पर स्पष्ट रूप से धार्मिक स्थलों को प्रतिबंधित किया गया है तथा पृथक से आदेश निकालने के लिए लेख किया गया है। कलेक्टर बुरहानपुर के उक्त आदेश से स्पष्ट है कि 8 जून 2020 से बुरहानपुर के कोई भी धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे। कलेक्टर बुरहानपुर के उक्त आदेश के बाद जामा मस्जिद बुरहानपुर के जिम्मेदारों से इस प्रतिनिधि ने जब चर्चा की तो उनके द्वारा यह बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री एवं अन्य लोगों के ऐसे संकेत दिए गए थे कि 8 जून 2020 से समस्त धार्मिक स्थल खोलें जाना प्रस्तावित है, अत: उक्त आश्वासन के परिपेक्ष में एवं नई गाइडलाइन की कंडिका को ध्यान में रखते हुए धार्मिक स्थलों को सेनेटेराइज्ड किया गया। जामा मस्जिद सूत्रों ने स्पष्ट किया कि मस्जिद खोलने के पूर्व की यह मात्र तैयारी थी और मस्जिद तब ही खोली जाएंगी या तब ही खुलेगी, जब शासनादेश के पश्चात जिला प्रशासन का आदेश होगा। शाही जामा मस्जिद बुरहानपुर के जिम्मेदारों से चर्चा के पश्चात यह स्पष्ट हो गया है कि आज 8 जून 2020 से से मस्जिद नहीं खुलेगी। वैसे जामा मस्जिद बुरहानपुर को छोड़कर शहर के किसी भी मोहल्ले की मस्जिद में इस प्रकार की कोई तैयारी होने की सूचना नहीं है। मस्जिद शनवारा गेट बुरहानपुर के इमाम हजरत मौलाना कलीम अशरफ अशरफी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि 8 जून 2020 से मस्जिद को खोलने के लिए हमें शाही जामा मस्जिद के इमाम हजरत सैयद इकराम उल्लाह बुखारी या जिला प्रशासन से कोई आदेश नहीं मिला है। हमें भी आदेश का इंतजार है। उन्होंने जिला प्रशासन से निवेदन किया कि इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेकर समस्त धार्मिक स्थलों को न्याय संगत शर्तों के तहत पूर्व अनुसार बहाल करने के बाद विचार किया जाना उचित एवं न्याय संगत होगा।