शुक्रवार, 9 अक्तूबर 2020

शादी का झांसा देकर रूपये ऐठने वाले अभियुक्त की सेशन न्यायालय ने भी की जमानत निरस्त


न्यायालय श्रीमान अरविंद रघुवंशी, अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त चन्द्रकांत मण्डलोई पिता रमेशचंन्द्र निवासी फिफरी रैयत तहसील पुनासा, खण्डवा का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।



उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि वर्ष 2019 को फरियादिया कमलाबाई ने श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक जोन उज्जैन की जनसुनवाई में एक आवेदन दिया था कि मेरे छोटे पुत्र चंद्रशेखर कुमारिया जिसकी उम्र-29 साल है, उसका विवाह करने की बातचीत को मैने कई लोगो से बोला था। कालीबाई जो काला पत्थर की निवासी है उसने मेरे को कहां कि चलो लडकी देख लेते है, उसके कहने पर हम बलावाडा गये, कालीबाई भी साथ थी, उसके हमको 17.12.2019 को बलवाडा वाले दादा से मिलवाया फिर हम वहां से ओमकारेश्वर गये वहां से खण्डवा गये, वहां राकेश व आनन्द नाम के व्यक्ति मिले वे हम सभी को लेकर पण्डित उर्फ चंन्द्रकांत मण्डलोई के पास ले गये, फिर हमे लड़की आशा दिखाई गई, उसके बाद हम उज्जैन आ गये और लड़की से विवाह की लिखा-पढी की नोटरी करवाई तथा 18 दिसम्बर 2019 को घर आ गऐ, वह लड़की हमारे घर एक रात की दुल्हन बनकर आई और दिनांक 19 दिसम्बर 2019 समय 09ः55 बजे समय दुल्हन सीधे टेªन में बैठकर भाग गई। विवाह में मैने अपनी बहू को 10000/- रूपये का मंगलसूत्र दिया था। पण्डित उर्फ चंद्रकांत ने शादी के लिए 80,000/-रूपये एैठे थे। विवाह में कुल 1,30,000/- रूपये की धोखाधडी हुई है। 

अभियुक्त चन्द्रकांत द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर तर्क किये व जमानत आवेदन का विरोध किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।  


प्रकरण में शासन की ओर से श्री शांतिलाल चौहान, एजीपी, जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।


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          बुरहानपुर(मेहलका इकबाल अंसारी) भारतीय खानकाही व्यवस्था की अति विश्वसनीय रूहानी शख्सियत, देवा शरीफ यूपी, मुंबई महाराष्ट्र और बुरहान...