शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपीगणों को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा, निर्णय सुनते ही आरोपी देवेन्द्र हुआ बेहोश हो गया।


न्यायालय विशेेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) डॉ0 (श्रीमती) आरती शुक्ला पाण्डेय, षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय उज्जैन, के न्यायालय द्वारा आरोपीगण 01. देवेन्द्र पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 23 वर्ष निवासी उज्जैन, 02. लोकेन्द्र सिंह पिता भैरूसिंह, उम्र 27 वर्ष निवासी जिला देवास, 03. चीकू उर्फ प्रतीक पिता राजेश निवासी उज्जैन तीनो आरोपीगणों को धारा 6 पाॅक्सो अधिनियम एंव धारा 376(डी) भादवि में 20 वर्ष कठोर कारावास, धारा 366 भादवि में 10 वर्ष में कठोर कारावास, 363, 506 भादवि में 07 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 323, 342 भादवि में 01 वर्ष का कठोर करावास और कुल 9,500/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। 


उप-संचालक (अभियोजन) डाॅ0 साकेत व्यास ने अभियोजन की घटना अनुसार बताया कि घटना इस प्रकार है, कि पीड़िता ने दिनांक 31.08.2017 को थाना नीलगंगा पर उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि दिनांक 29.08.2017 को मेरा जन्मदिन था, अपचारी बालक मेरा दोस्त है, जो उज्जैन के एक स्कूल में पढ़ता है, जिसें मै लगभग 02 वर्ष से जानती हूॅ, मेरे जन्मदिन पर मेरे दोस्त अपचारी बालक ने मुझे चैपाटी पर बुलाया मैं दोपहर करीब 04ः30 बजे उसने मिलने गयी थी, अपचारी बालक ने मुझे बधाई दी तथा मुझे मीठी-मीठी बातों में बहलाया और बोला कि जन्मदिन की पार्टी मनाने का प्रोग्राम मैने एक होटल में रखा है और तुम्हे चलना पडेगा, और मैं अपचारी बालक की बातो को टांल नही सकी और मजबूरी में उसके साथ उसकी मोटरसाइकिल पर बैठ गई। अपचारी बालक ने मोटरसाइकिल को नीलगंगा क्षेत्र की एक काॅलोनी में ले गया वहाॅ पर अपचारी बालक के अन्य तीन साथी भी मिले। अपचारी बालक ने उनके सरनेम बताये थे चैथे का नाम मुझे नही मालूम। अपचारी बालक मुझे होटल में ले गया उसके तीनो साथी भी आ गए। अपचारी बालक ने पीने के लिए ड्रिªंक आर्डर की तथा खाने के लिए आर्डर की। डिंªªक आई अपचारी बालक ने मुझे पीने के लिए बोला मैने ड्रिªंक में बदबू आने के कारण मैने मना कर दिया, लेकिन अपचारी बालक नही माना और बोला की आज तो तुम्हारा जन्मदिन है, तुम्हे तो डिंªªक पीना ही पडेगी और उसने बदबू वाली डिंªªक मुझे जबदस्ती पिला दी जिससे मुझे थोडे -थोडे चक्कर आने लगे कुछ समय तक मुझे अपचारी बालक ड्रिंक पिलाता रहा। इसके बाद मुझे यह कहकर कि वह, मुझे घर छोड देगा, करीब शाम 06ः30 बजे हम वहा से निकल गये। उसके साथी भी मेरे पीछे पीछे चल दिए, मुझे नीलगंगा क्षेत्र की काॅलोनी के एक घर के कमरे में ले गये और मुझे कमरे में बंद कर दिया, मै घबरा गई, चिल्लाने लगी तो मेरा मुंह आरोपी देवेन्द्र ने बंद कर दिया और मेरे साथ बलात्कार किया। जब आरोपी देवेन्द्र मेरे साथ गलत काम कर रहा था, तब अपचारी बालक, एंव उसके साथी सहयोग कर रहे थे। चारों ने मिलकर मुझसे बोला की अगर किसी को यह बात बतायी तो जान से खत्म कर देगे। उसके बाद अपचारी बालक मुझे करीब रात 12ः00 बजे घर के पास छोड़कर भाग गया। मेने पुरी घटना अपने मम्मी पापा को बताई। पीड़िता की रिपोर्ट पर से थाना नीलगंगा द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। आवश्यक अनुसंधान पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।


दण्ड के प्रश्नः- अभियुक्त की ओर से निवेदन किया गया कि यहा उसका प्रथम अपराध है, तथा उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि और उसकी आयु को ध्यान में रखते हुए उसके प्रति उदारता का रूख अपनाए जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन अधिकारी ने अभियुक्त को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवदेन किया।


न्यायालय द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़िता को प्रतिकर दिलवाये जाने की अनुशंसा की है। न्यायालय द्वारा आरोपी को किये गये अर्थदण्ड की राशि पीड़िता को प्रदान करने के आदेश किये गये है।


प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री सूरज बछेरिया, विशेष लोक अभियोजक, के द्वारा की गई।