सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

आखिर क्यों नही किया गया समय रहते महिला को आगे रेफर...परिजनों का आरोप* *डिलेवरी के बाद महिला की गई जान...जिम्मेदार कौन....?* *परिजनों द्वारा मेघनगर थाने पर करवाई गई एफआईआर दर्ज

 *आखिर क्यों नही *


*ब्युरो दशरथ सिंह कट्ठा झाबुआ...*


झाबुआ - शिवराज सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए प्रयास कर रही ओर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ग्रामीण रहवासियों को ग्राम में👌 उपलब्ध हो इस ओर प्रयास रत है तो वही दूसरी और झाबुआ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  मेघनगर के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडली नवापाड़ा का मामला सामने आया है। जहां एक महिला की डिलवरी के बाद मौत हो गई।


परिजन से मिली जानकारी के अनुसार मकनी बाई पति विकास वसुनिया उम्र 20 वर्ष निवासी चोखवाड़ा थाना काकनवानी की रहने वाली महिला जिसकी शादी आज से 2 वर्ष पूर्व हुई थी दिनांक 09/02/2021 को रात्रि को 12 बजे करीब प्रसव पीड़ा होने पर महिला को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडली नवापाडा लेकर गए जहाँ उसे भर्ती करवाया  गया था और अगले दिन सुबह 10 बजे करीब महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसके बाद महिला को रक्तस्राव शुरू हो गया ओर रक्तस्राव बन्द नही हुआ   मगर मौजूदा एएनएम द्वारा महिला को आगे रेफर नहीं किया गया जिसकी वजह से 4 बजकर 30 मिनिट पर महिला की मौत हो गई। बाद में मृतक महिला के शव को मेघनगर सामुदायिक स्वास्थ्य लाया गया। परिजनों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई सूचना मिलने के बाद मेघनगर पुलिस द्वारा धारा 174  जा फो के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी...


*आखिर क्यों नही किया गया महिला को रेफर* 


गर्भवती महिला की डिलेवरी सुबह 10 बजे हुई उसने एक पुत्र को जन्म दिया उसके बाद महिला को रक्तस्राव शुरू हो गया मगर ड्यूटी पर तैनात किसी भी जिम्मेदार ने उसे रेफर करना उचित नही समझा और रक्तस्राव की वजह से महिला की 4 बजकर 30 मिनिट पर मौत हो गई अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला को रक्तस्राव हो रहा तो उसे उस समय ड्यूटी पर तेनात एनएम या सीएचओ ने उक्त महिला को आगे रेफर क्यो नही किया ।


ओर क्यो अपने वरिष्ठ अधिकारियो को  क्यो अवगत नही करवाया क्या इसी तरह ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारो द्वारा लापरवाही बरती जाएगी ओर लोगो की जान के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे यह सबसे बड़ा सवाल है क्या विभाग  द्वारा मात्र नोटिस जारी कर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली गई या इस लापरवाही पर सम्बंधित सीएचओ और एनएम को पद से हटाया जाएगा यह तो वक्त बतायेगा


*परिजनों  का आरोप अगर समय रहते महिला को आगे रेफर किया होता तो बच जाती जान* 


 इस मामले को लेकर परिजनों का कहना है की डिलेवरी के बाद खून शुरू हो गया जो बंद नहीं हो रहा था मगर उसे दुसरे अस्पताल लें जाने का हमे नहीं कहा और कहते रहे की इलाज चल रहा है खून बंद हो जायेगा अगर समय पर उसे दुसरे अस्पताल ले जाने का कह देते तो शायद उसकी  जान बच जाती



इनका कहना है:-


*हमने इस मामले को लेकर सीएच ओ ओर एन एम को शोकाज नोटिस जारी किया है -डॉक्टर शेलक्षी वर्मा सी बी एम ओ ,मेघनगर*


जिस दिन यह मामला हुआ उस दिन में मेघनगर मीटिंग में थी मुझे इस बारे में  जानकारी नही है  - *नेहा डामोर,सीएचओ,पीएचसी मांडली नवापाडा* 


इस मामले को लेकर जब एन एम से बात करना चाही तो मोबाइल नही उठाया

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