मंगलवार, 28 जनवरी 2020

जो अफसर चार दिन पहले, FIR दर्ज करवाने का आदेश दे रहा था, अब खुद पुलिस से भाग रहा है ,पुलिस ने उपायुक्त क्षत्री से ही पूछा, क्षत्री के बारे में, मना किया और भाग गए


*संभागायुक्त  त्रिपाठी और लोकायुक्त एसपी भी क्षत्री को फटकार लगा चुके है*


(राजेन्द्र के. गुप्ता 98270-70242)


दो संस्थाओं से जुड़े गुंडों से, क्षत्री ने गालियाँ सुनी और माफ कर दिया था


इंदौर ।(D&Sन्यूज) मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर, मध्यप्रदेश में भूमाफियाओं के विरुद्ध चल रही मुहिम में, चार दिन पहले तक सहकारिता उप आयुक्त राजेश क्षत्री, सहकारी संस्थाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले और आमजन के प्लाट हड़पने वालों पर, एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दे रहे थे । अब वही सहकारिता उपायुक्त क्षत्री  पुलिस से बच कर भाग रहे है ।


ये है मामला -


सहकारिता उप आयुक्त राजेश क्षत्री पर विभाग की ही महिला सहायक आयुक्त ने योन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए विभाग के मंत्री डॉ.गोविन्द सिंह को मय साक्ष्य के शिकायत की । मंत्री के आदेश पर सहकारिता मंत्रालय की उप सचिव पुष्पा कुलस ने दिनांक 22/01/2020 को क्षत्री को निलंबित कर दिया । उसी महिला सहायक आयुक्त ने इंदौर डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र को भी शिकायत की थी । दिनांक 28/01/20 की रात में महिला अधिकारी की शिकायत पर, पुलिस थाना एम.जी.रोड़ इंदौर में क्षत्री के विरुद्ध आईपीसी की धारा 354-ए, 354-बी और 509 में अपराध क्रं./036/20 दर्ज कर लिया ।


पुलिस ने क्षत्री से ही पूछा क्षत्री के बारे में -


रात में अपराध दर्ज करने के बाद दिनांक 28/01/20 की सुबह 9.30 बजे पुलिस का एक एएसआई सहित चार जवान सिटी वेन में बैठ कर क्षत्री को हिरासत में लेने सत्यसाई चौराहा स्थित, बसंत विहार कालोनी के मकान नंबर 273-ए पर पहुँची । क्षत्री कालोनी के गार्डन में कसरत करके, दो पहिया वाहन से घर लौटे तो पुलिस को देखा, रुके तो एएसआई ने क्षत्री से ही, क्षत्री के बारे में पूछा ! क्षत्री से पूछा यही सहकारिता उपायुक्त क्षत्री का घर है । क्योंकि घर के सामने ही सहकारिता विभाग की नेम प्लेट लगी सरकारी जीप खड़ी थी । क्षत्री पुलिस वालों को मना करके, दो पहिया वाहन से भाग गए। अब भी शासकीय वाहन क्षत्री के घर पर खड़ा है ।


आस-पास पूछा - 


पुलिस वालों ने आस-पास पूछा और पहली मंज़िल पर घर में क्षत्री को तलाशा। पुलिस कर्मी तब हक्के-बक्के रह गए, जब उन्होंने घर में क्षत्री का फोटो देखा । नीचे उतर कर, पुलिस वाले, सर खुजाते हुए आपस में बात कर रहे थे, वही क्षत्री था, जिससे क्षत्री के बारे में पूछा था । एक पुलिस जवान बोला फोटो नही होने से ऐसा होता है, जबकि एक ने बोला रोज तो न्यूज पेपर में फोटो आ रहा है । आधा घंटा रुकने के बाद जब सोशल मीडिया में क्षत्री की तलाश में आई पुलिस की खबर फैली तो पुलिस वाले ख़ाली हाथ लौट गए ।


दो अन्य महिला अधिकारी ने भी की है शिकायत -


एक अन्य वरिष्ठ महिला निरीक्षक श्रीमती मोनिका सिंह ने भी दिनांक 25/05/2016 को क्षत्री के विरुद्ध सहकारिता आयुक्त को दो पन्ने की लिखित शिकायत की थी । जिसमें सिंह ने क्षत्री के द्वारा उन पर गृह निर्माण सहकारी संस्था के संचालकों से मोटी रिश्वत लाने के लिए दबाव बनाने सहित अन्य आरोप लगाए थे । सूत्रों के अनुसार एक अन्य कर्मचारी ने भी क्षत्री की शिकायत की है ...


गालियाँ सुनी और माफ कर दिया -


पूर्व में भी वर्ष 2015 में जब क्षत्री सहकारिता उपायुक्त इंदौर थे, तब लक्ष्मण नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था और ईडन गार्डन सहकारी संस्था के कथित संचालकों से जुड़े गुंडे बब्बू, छब्बू व अन्य ने शासकीय कार्यालय में जबरन घुस कर क्षत्री को धमकाया था और गाली-गलौच आदि की थी । इस घटना को लेकर क्षत्री ने एसपी मुख्यालय, एसपी लोकायुक्त और थाना प्रभारी एम.जी. रोड़ को शासकीय पत्र लिख कर शिकायत करके कार्यवाही की माँग की थी । किन्तु दो महीने बाद क्षत्री ने फिर पत्र लिख कर उन्हें धमकाने वालों को माफ करके कार्यवाही नही करने का आग्रह कर लिया था । इस बीच संस्था के कथित 440 सदस्यों को क्षत्री ने सदस्यता दे दी थी । इस मामले में तत्कालीन लोकायुक्त एसपी इंदौर ने भी क्षत्री को फटकार लगाई थी । इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी भी वर्तमान मुहिम में क्षत्री की कार्यप्रणाली से खुश नही थे । त्रिपाठी भी क्षत्री को फटकार लगा चुके है ।


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