गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक

 
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छतरपुर | 


 

    राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए छतरपुर जिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह का गठन किया गया है। इस समूह में पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ, सीईओ जिला पंचायत हिमांशु चन्द्र, सीएमएचओ डा. विजय पथौरिया, सिविल सर्जन डा. आर.एस. त्रिपाठी, डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट होमगार्ड करन सिंह, परियोजना अधिकारी निरंकार पाठक, सीएमओ छतरपुर अरूण पटेरिया सदस्य के रूप में सम्मिलित किए गए हैं।
   आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक हुई। बैठक में सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री सिंह द्वारा सामाजिक संगठनों, प्रतिष्ठित निजी चिकित्सक, उद्योगपति आदि को भी आमंत्रित किया गया। समूह द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से उत्पन्न आपात स्थिति के नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप आकस्मिक कार्ययोजना तैयार कर उसके क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु लिए गए निर्णयों की समीक्षा कर आने वाले समय में वायरस को फैलने से बचाने के लिए बेहतर रणनीति तैयार करना था।
   कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बैठक में उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया कि छतरपुर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु मास्क, साबुन एवं सेनेटाईजर का पर्याप्त मात्रा में वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसी के साथ जिले के सभी विकासखण्डों में छात्रावास चिन्हित कर क्वारेंटाइन केन्द्रों का निर्माण किया। जिला अस्पताल में भी 25 बैड की क्षमता वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों में भी 10 बेड की क्षमता वाले वार्ड को आइसोलेशन वार्ड के रूप में आरक्षित किया गया है।
   कोरोना वायरस से उत्पन्न आपदा की स्थिति में निजी अस्पतालों के चिन्हित वार्डों एवं चिकित्सकों की सेवाएं प्रशासन द्वारा ली जा सकती हैं। इसी के साथ कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में उपस्थित प्रतिष्ठित निजी चिकित्सकोें को बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार हर निजी नर्सिंग होम में ओपीडी संचालित करना अनिवार्य है, क्योंकि ऐसा न करने से जिला चिकित्सालय पर अनावश्यक लोड बढ़ता जा रहा है। अगर कोई भी निजी नर्सिंग होम अपनी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराते हैं तो शासन के निर्देशानुसार उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने सभी निजी चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वह जरूरी एहतियात बरते हुए जिलेवासियों के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करें।
   पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ ने सदस्यों को अवगत कराया कि पुलिस हर स्तर पर प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर कोरोना वायरस की रोकथाम में लगी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा कराए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे के महत्व को समझाते हुए बताया कि इस सर्वे के माध्यम से जिले के हर एक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इससे न केवल कोरोना की जांच में मदद हो रही है बल्कि जिले के हर व्यक्ति को किसी भी तरह की बीमारी अगर है तो उसकी भी जानकारी उन तक पहुंचाई जा रही है। ऐसा करने से छतरपुर जिला स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्र में 10 साल आगे पहुंच जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि हम सभी जिले के लोगों को जागरूक और संवेदनशील बनाएं ताकि वह सर्वे में अपना पूरा सहयोग प्रदान कर सकें। उन्होंने बताया कि जिले में उपस्थित सभी धार्मिक स्थलोें की शत्-प्रतिशत स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है। इसी के साथ उन्होंने अनुरोध किया कि हम सभी को प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सम्पूर्ण भरोसा होना चाहिए।
   सीएमएचओ डा. विजय पथौरिया ने अवगत कराया कि जिले में अभी 1 हजार पीपीई किट, 11 हजार तीन लेयर मास्क, 1 हजार 200 एन95 मास्क, 8 हजार ग्लव्ज उपलब्ध हैं। उन्होंने निजी चिकित्सकों से इस संकट की घड़ी में सहयोग करते हुए सभी निजी नर्सिंग होम खुले रखने का अनुरोध किया।

सिर्फ जरूरतमंदों को दिया जाए भोजन का पैकेट

   बैठक में सामाजिक संगठनों द्वारा भोजन वितरण का विषय उठाया गया, जिसमें सामने आया कि भोजन पैकेट वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंस के मानकों और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। सीएमओ अरूण पटेरिया और परियोजना अधिकारी निरंकार पाठक द्वारा समूह को अवगत कराया गया कि समाजिक संगठन पैकेट वितरण के समय प्रशासन द्वारा उक्त कार्य हेतु गठित समिति के सदस्यों को साथ लेकर नहीं जा रहे है और प्रशासन के निर्देशों की अव्हेलना कर रहे हैं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने उक्त स्थिति को देखते हुए सीएमओ को निर्देशित किया कि जो सामाजिक संगठन सरकारी कर्मचारियों को साथ न ले जाकर केवल फोन से वितरण की सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं उनका योगदान शून्य माना जाएगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि बेहतर भोजन वितरण व्यवस्था हेतु जिले का सर्वे कराकर हमें उन स्थानों को चिन्हित करना चाहिएख् जहां भोजन की वास्तव में जरूरत है, ताकि सभी पात्र व्यक्ति तक भोजन पहुंच पाए। वितरण करते समय सोशल डिस्टेंस का पालन करना अतिआवश्यक है। इसी के साथ कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले में 80 प्रतिशत लोगों को तीन महीने का राशन उपलब्ध करा दिया गया है साथ ही उज्ज्वला योजनांतर्गत निःशुल्क गैस सिलेण्डर भी वितरित किए जा रहे हैं।
   कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों से प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया और अवगत कराया कि प्रशासन के निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में लोगों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए और सख्ती की जा सकती



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