रविवार, 14 फ़रवरी 2021

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव एवं धार्मिक विद्वान हजरत मौलाना उमरेन महफूज साहब की गौरवमयी उपस्थिति में संपन्न हुआ एक दिवसीय सम्मेलन एवं सामुदायिक सुधार कार्यक्रम*

   

बुरहानपुर(मेहलका इकबाल अंसारी) आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की निगरानी में तहफ्फुज शरीयत और इसलाहे मआशरा के तहत प्रथम सत्र का आयोजन दारुल उलूम शेख अली मुत्तकी, आदिल पुरा, बुरहानपुर में हजरत मौलाना अब्दुल अजीम फ़लाही की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सेक्रेटरी हजरत मौलाना उमरेन महफूज साहब (मालेगाव) ने शिरकत की। सम्मेलन में पधारे नगर के एवं नगर के बाहर के धार्मिक विद्वानों, मस्जिद के इमामों, गणमान्य नागरिकों और विद्वानों के जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने राष्ट्र और समुदाय की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए मुस्लिम समुदाय में फैली हुई बुराइयों और अवगुणों के विभिन्न रूपों का वर्णन किया और धार्मिक विद्वानों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हुए अल्लाह के दूत और उनके अनुयायियों अंबिया और सहाबा के त्याग के आलोक में समस्त कठिनाइयों को सहनशक्ति के साथ बर्दाश्त करके संपूर्ण समाज में एकता के साथ समाज सुधार के हिदायत के संदेश को सार्वजनिक करने की अपील की।


अंत में धार्मिक विद्वानों और गणमान्य नागरिकों को शामिल करके सामुदायिक सुधार की कमेटियां गठित करने के लिए मुफ्ती रहमतुल्ला कासमी और हज़रत मौलाना सलीम गिन्नौरी साहब को उत्तर दायित्व सौंपा गया। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता हजरत मौलाना उमरेन महफूज साहब की दुआ पर प्रथम सत्र का समापन हुआ। पर्दा नशीन महिलाओं के लिए द्वितीय सत्र का आयोजन मस्जिद मुल्ला हयाती, दाऊद पुरा, बुरहानपुर में संपन्न हुआ। महिलाओं को संबोधित करते हुए हजरत मौलाना उमरेन महफूज ने महिलाओं को सामुदायिक सुधार का एक महत्वपूर्ण तत्व बताया और कहा कि महिलाएं सामुदायिक सुधार और क्रांति का बिगुल बजाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस्लामी महिलाओं का इस्लामी धार्मिक ज्ञान एवं भारतीय इस्लामी संस्कृति से अवगत होना संपूर्ण समाज और समुदाय में परिवर्तन लाने के लिए आवश्यक है। तीसरे सत्र का आयोजन मस्जिद ताना गुजरी, अंडा बाजार बुरहानपुर में संपन्न हुआ। तृतीय एवं अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव एवं धार्मिक विद्वान हजरत मौलाना उमरेन महफूज साहब ने अपने सार्वजनिक संबोधन में कहा कि जब तक मुसलमान भाई के दिल में यह भावना पैदा ना हो जाए कि मेरा भाई नर्क वाले रास्ते से हटकर स्वर्ग वाले रास्ते पर आ जाए तब तक सामुदायिक सुधार असंभव है। इस एक दिवसीय आयोजन में नगर के और नगर के बाहर के हजारों धार्मिक विद्वानों ने शिरकत की।

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